सेहत के लिए अगर आप दूध या फूड सप्लीमेंट इस्तेमाल कर रहे हों तो सावधान...शहर में मिल रहे दूध और फूड सप्लीमेंट में वो दम नहीं जिसे मानकर आप उसका सेवन कर रहे हैं।
ऐसा हम नहीं बलि्क वह रिपोर्ट कर रही है जिसे साल की शुरुआत से शहर के विभिन्न जगहों से इकट्ठा किए गए नमूनों की जांच के बाद बनाया गया है।
इसमें दूध के दो और फूड सप्लीमेंट पैड्रोल का एक नमूना फेल हो गया है। यही नहीं भगवती ब्रांड सरसों के तेल का नमूना भी सही नहीं मिला है। बता दें कि जनवरी माह में 12 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। बुधवार को 12 में से चार नमूनों की रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजी आई।
डीओ रणधीर सिंह ने बताया कि मिलावटखोर दुकानदार और फर्म को नोटिस भेज दिया है। एक माह के भीतर दुकानदारों को नोटिस का जवाब देना होगा। इस अवधि के बाद मिलावटखोरों के खिलाफ कोर्ट में केस चलाया जाएगा। सनद रहे कगत वित्त वर्ष में खेसारी मिश्रित अरहर की दाल, सरसों का तेल, बूंदी का लड्डू समेत 25 फूड आइटम अनसेफ मिले हैं।
सभी मामलों की सुनवाई चल रही है। वित्त वर्ष 2015-16 में अप्रैल से 31 मार्च तक दूध के 332 नमूने अधोमानक निकले हैं। साथ ही मावा, पनीर और दूध से निर्मित मिठाइयों के 122 नमूने शुद्धता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में दूध के दो सैंपल समेत सरसों का तेल और फूड सप्लीमेंट अधोमानक (सब स्टैंडर्ड) पाए गए हैं। फूड सेफ्टी विभाग ने मिलावटखोरों को नोटिस भेजा हैं।
डीएम ने दिए सैंपलिंग के आदेश
डीएम शुभ्रा सक्सेना ने फूड सेफ्टी अफसरों को जगह-जगह फूड आइटम की सैंपलिंग का आदेश दिया है। जल्द ही सिकंदराबाद, डिबाई, शिकारपुर, बुलंदशहर, अनूपशहर, स्याना और खुर्जा में खाद्य सामग्री की सैंपलिंग शुरू होगी। डीएम ने गर्मी में बिक रहे फ्रूट्स चाट, आइसक्रीम और खुले पेय पदार्थ की बिक्री रोकने के लिए अफसरों को आदेश दिए हैं।
नामचीन कंपनियां भी सवालों में
पराग, परम, आनंदा ब्रांड का दूध भी मानक पर खरा नहीं उतरा है। कोका कोला और कॉम्प्लान बनाने वाली हेंज पर भी जुर्माना लगाया जा चुका है।