भ्रष्टाचार में जिला पंचायत के जेई और ठेकेदार पर एफआईआर
बुलंदशहर। जिला पंचायत के अवर अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में अपर मुख्य अधिकारी ने शासन के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि जेई ने पत्रावलियों के बिल ठेकेदार के घर बैठकर तैयार कराते हुए उसे टेंडर दिलाने में भी मदद की। इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया ने शासन से शिकायत की थी।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर अंत़ुल तेवतिया की शिकायत के बाद शासन में अपर मुख्य सचिव ने अपर मुख्य अधिकारी विद्या शंकर पांडे को जेई और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। पांडे ने कोतवाली में दी तहरीर में लिखा है कि अवर अभियंता अरुण कुमार शर्मा पर भुगतान पत्रावलियों के बिल ठेकेदार नवीन कुमार से तैयार कराने के गंभीर आरोप हैं। इन बिलों की धनराशि में से कमीशन के लिए साठगांठ की गई। ठेकेदार और जेई की मिलीभगत के संबंध में शासन को शिकायत में एक वीडियो भी भेजी गई थी। नगर कोतवाली प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि एएमए की तहरीर के आधार पर अवर अभियंता अरूण कुमार शर्मा और ठेकेदार नवीन कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है।
जिला पंचायत बोर्ड मीट मीटिंग में उठा था मामला
पिछले माह में हुई जिला पंचायत बोर्ड बैठक में जिपं सदस्यों ने यह मामला उठाया था। सदस्य शैलेश बालका, गीता चरौरा, रेनू चौधरी समेत अन्य ने आरोप लगाए थे कि ठेकेदार के घर बैठकर ही सरकारी बिल तैयार किए जाते हैं। इसके बाद मामले में कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया था।
भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार के मामले में सरकार को पत्र लिखा गया था। जिस पर त्वरित एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई है। - डॉ. अंतुल तेवतिया, जिपं अध्यक्ष
शासन के निर्देश पर हुई कार्रवाई
मामले में शासन के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। साथ ही जेई को सस्पेंड भी कर दिया गया है। आगे की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। - विद्याशंकर पांडेय, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
मुझे फंसाया गया
लगाए गए आरोप निराधार हैं। भ्रष्टाचार का विरोध करने पर मुझे साजिशन फंसाया गया है। शिकायत होने के बाद पहले जांच होनी चाहिए थी। जांच में दोषी मिलने पर आगे की कार्रवाई होनी चाहिए थी। मैं जांच के लिए तैयार हूं। - अरुण कुमार शर्मा, जेई, जिला पंचायत