बुलंदशहर। बेटी के ससुरालियों से परेशान होकर राजेंद्र सिंह ने आत्महत्या की थी। राजेंद्र सिंह के कमरे से सुसाइड नोट बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले में शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
कोतवाली देहात के गांव अकबरपुर निवासी आकाश ने एसएसपी को शिकायत देकर बताया कि 12 सितंबर को उनके पिता राजेंद्र सिंह के पास मेरठ की मोदीपुरम पुलिस चौकी से फोन आया था कि 13 सितंबर को वह अपनी बेटी सुधा को लेकर पुलिस चौकी आ जाएं, ताकि सुधा और ससुरालियों के बीच चल रहे विवाद का निस्तारण कराया जा सके। इसके चलते 13 सितंबर को उनके पिता राजेंद्र सिंह, बहन सुधा, भाई आकाश, मोहम्मद हारुन, चंद्रभान के साथ मेरठ की मोदीपुरम पुलिस चौकी गए थे। आरोप है कि जब वह सुधा के साथ पुलिस चौकी पहुंचे तो सुधा के ससुराल पक्ष की ओर से उनके ससुर गंगा प्रसाद, पति अमित भी मौके पर बुलाए गए थे।
इस दौरान पुलिस चौकी में सुधा के पति एवं ससुर द्वारा उनके पिता की बेइज्जती करते हुए दहेज में 20 लाख रुपये देने का दबाव बनाया। सुधा के ससुरालियों ने उनका एक बच्चा पहले ही ले लिया था, जबकि दूसरे बच्चे को पुलिस चौकी में ही छीन लिया। पुलिस चौकी से निकलने के बाद आरोपी अमित, गंगा प्रसाद, सरोज, जीतू ने कहा कि यदि वह 20 लाख रुपये नहीं दे सकते हैं तो वह आत्महत्या कर लें। इसके चलते परेशान होकर उनके पिता राजेंद्र सिंह घर लौटे और उन्होंने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
27 सितंबर को जब वह उनके कमरे की सफाई कर रहे थे तो कपड़ों के नीचे से उन्हें एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें राजेंद्र सिंह ने बेटी सुधा के ससुरालीजनों पर अभद्रता और बेइज्जत किए जाने के चलते आत्महत्या की बात लिखी है। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। जल्द ही मोदीपुरम पुलिस चौकी में की गई शिकायत व अन्य साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।