बुलंदशहर। जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नकली घी बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। रिफाइंड सोयाबीन ऑयल और अज्ञात केमिकल मिलाकर अवैध रूप से घी तैयार किया जा रहा था। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माता का पंजीकरण निलंबित कर दिया है।
जिलाधिकारी कुमार हर्ष के निर्देश पर रविवार रात एक विशेष अभियान चलाया गया। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विनीत कुमार के नेतृत्व में टीम ने पुलिस के साथ शिकारपुर तहसील के थाना जहांगीराबाद क्षेत्र स्थित गांव लोहरा में सत्यभान के घर पर संयुक्त छापेमारी की। छापे के दौरान मौके पर बड़े पैमाने पर नकली घी बनाने का काम चलता पाया गया।
भारी मात्रा में सामग्री बरामद
टीम ने मौके से 15 किलोग्राम सोयाबीन रिफाइंड ऑयल, 60 किलोग्राम तैयार नकली घी चार टिनों में और 16 लीटर अज्ञात केमिकल चार बोतलों में बरामद किया। इसके साथ ही एक लीटर के खाली घी के रैपर भी मिले, जिन पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के नियमों का उल्लंघन साफ तौर पर दर्ज था। सहायक आयुक्त विनीत कुमार ने बताया कि मौके से घी, रिफाइंड ऑयल और केमिकल के तीन नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। बरामद शेष सभी खाद्य सामग्री को सीज कर दिया गया है। संबंधित खाद्य पंजीकरण संख्या को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए घी निर्माण कार्य पर अग्रिम आदेशों तक पूर्ण रोक लगा दी गई है।
स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि सोयाबीन रिफाइंड से बने घी को तैयार करने में अत्यधिक तापमान इस्तेमाल होता है, जिससे उसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसे बार-बार गर्म करने पर टॉक्सिक कंपाउंड बनते हैं। लंबे समय तक सेवन से हृदय रोग और मोटापे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।वहीं केमिकल युक्त घी में ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है, जिसे सबसे खतरनाक फैट माना जाता है। इसके प्रयोग से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है, खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल घटता है। इससे डायबिटीज और रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज की समस्या भी हो सकती है।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मिलावटखोरी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार सिंह, कमलेश कुमार, सन्नजीत कुमार, हरेंद्र कुमार तथा सेनेटरी सुपरवाइजर बिहारी लाल शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।