गंगा में जल स्तर बढ़ने पर वन विभाग के अफसरों को डॉल्फिन के बिछड़ने की चिंता सताने लगी है। इसलिए विभाग ने डॉल्फिन पर नजर रखने को कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। प्रयास किया जा रहा है कि सभी डॉल्फिन जहां हैं, वहीं रहें।
गंगा में अनूपशहर से नरौरा बैराज तक 52 डॉल्फिन हैं। इनकी गणना वर्ष 2015 में की गई थी और अनुमान लगाया जा रहा है कि अब डॉल्फिन की संख्या बढ़ गई होगी। इसका पता इसी साल के अंत में होने वाली गणना में लगेगा। हालांकि डॉल्फिन को सुरक्षित रखने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के कर्मचारी समय-समय पर निरीक्षण करते रहते हैं।
मगर, अब गंगा में जल स्तर बढ़ने से अफसरों को चिंता हो गई है कि कहीं ऐसा न हो कि वह बिछड़ न जाएं। इसलिए अफसरों ने निर्णय लिया है कि उन पर पैनी नजर रखी जाए। इसके लिए कर्मचारी भी तैनात कर दिए गए हैं। डीएफओ एके सक्सेना ने बताया कि गंगा में विचरण कर रही डॉल्फिन पर पैनी नजर रखी जा रही है।
प्रयास किया जा रहा है कि सभी डॉल्फि सुरक्षित रहें और वह आगे न निकल जाएं। हालांकि पिछले कई वर्षों से ऐसा नहीं हुआ, लेकिन उन पर नजर रखना बहुत जरूरी है। तैनात किए गए कर्मचारियों को आदेश दिया है कि वह समय-समय पर होने वाले निरीक्षण की रिपोर्ट भी उपलब्ध करवाते रहें।