सिस्टम की बद इंतजामी देखनी है तो डीएम रोड पर आवास विकास कालोनी की बीपीएल बस्ती में पहुंच जाएं। कहने के लिए तो यह पॉश कालोनी है, लेकिन यहां की आबादी भी खुले में शौच जाते देखी जा सकती हैं। यह तस्वीर स्वच्छ भारत मिशन को आइना दिखाने के लिए काफी है।
आठ माह पहले स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पालिका और नगर पंचायतों ने शौचालय के लिए आवेदन मांगे थे। आठ नगर पालिका और नौ नगर पंचायतों में ऑनलाइन व ऑफलाइन एक लाख 25 हजार 410 परिवारों ने आवेदन किया। सत्यापन में मात्र 09 हजार 931 परिवारों सलेक्ट किया गया।
शेष एक लाख चार हजार 748 आवेदन पत्र रिजेक्ट कर दिए गए। इन परिवारों के आसपास सार्वजनिक शौचालय भी नहीं हैं। ऐसे में शौचालय से वंचित परिवारों के सदस्य खुले में लोटा परेड करने को बेबस हैं।
आवास विकास प्रथम की दलित बस्ती बाहुल्य बस्ती में 12 से अधिक परिवार शौचालय से वंचित हैं।
शौचालय नहीं होने से परिवार के सदस्यों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि सिस्टम के पास पैसे की कमी है। मिशन के तहत 3.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 1.25 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं।
शासन ने शौचालय निर्माण के लिए धनराशि जारी कर दी है। दो हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण करवाया जा रहा है। एक हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन