किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उनकी धान-गेहूं समेत अन्य फसलों की सरकारी खरीद ई-पॉश मशीन के माध्यम से होगी। इस नई व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी, जिससे इसका सीधा लाभ किसानाें को मिलेगा। जिला विपणन अधिकारी के अनुसार, नई व्यवस्था के लिए कुछ स्थानों पर ट्रायल शुरू हो गया है और जल्द ही यह सुविधा जनपद में भी शुरू होगी।
किसानों की धान और गेहूं की फसल खरीद के लिए शासन की ओर से क्रय केंद्र स्थापित किए जाते हैं, जहां पर किसानों की फसलों की खरीद होती है। इसके लिए फसलों की तौल भी होती है। हालांकि, शासन ने धान व गेहूं बेचने के लिए किसान का पंजीकरण भी जरूरी कर दिया है। ताकि किसान ही क्रय केंद्रों पर अपनी फसल बेच सकें। लेकिन ऐसा नहीं हो पाता और बिचौलिया कम रेट में फसल खरीदकर क्रय केंद्रों पर अधिक दाम में बेच देते हैं। इस तरह के मामले समय-समय पर उजागर भी होते रहते हैं।
शासन क्रय केंद्र पर बेची जाने वाली फसल को बेचने के दौरान समर्थन मूल्य देने और बिचौलियों से निजात दिलाने के लिए नई व्यवस्था की शुरूआत करने जा रहा है। इसके लिए अब धान-गेहूं आदि की फसल ई-पॉश मशीन के माध्यम से होगी। अफसरों का कहना है कि इस नई व्यवस्था के शुरू होने से बिचौलियों की भूमिका तो खत्म होगी साथ ही सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। इसका ट्रायल प्रदेश के कुछ जनपदों में शुरू हो गया है। यह व्यवस्था जल्द ही शुरू हो जाएगी। अफसरों का यह भी कहना है कि इस बार गेहूं की खरीद भी ई-पॉश मशीन से हो सकती है।
इस तरह होगा ई-पॉश मशीन का काम
विभागीय अफसरों के अनुसार ई-पॉश मशीन में ऐसा सॉफ्टवेयर डाला गया है जो उसी किसान का फिंगर प्रिंट लेगा, जिसका नाम और आधार नंबर पंजीकृत होगा। पंजीकरण के दौरान दर्ज किए जाने वाला आधार नंबर पूरी तरह से छिपा होगा और मशीन पर पंजीकरण नंबर डालने पर ही आधार नंबर शो करेगा। इससे असली और नकली किसान की पहचान करने में आसानी होगी। ई-पॉश मशीन से धान-गेहूं आदि फसलों की खरीद करने का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य का सीधा लाभ दिलाना है।
इस मशीन की एक खास बात यह भी रहेगी कि किसी किसान का नाम पंजीकरण है और वह बुजुर्ग, दिव्यांग या फिर किसी कारण केंद्र पर नहीं पहुंच सकेगा तो उसके परिवार के सदस्य को भी मौका दिया जाएगा। परिवार के इस सदस्य का आधार नंबर विकल्प के तौर पर पंजीकरण के दौरान प्रपत्र में दर्ज कराना होगा। परिवार का यह सदस्य क्रय केंद्र पर पहुंचकर अपनी फसल की तौल करा सकता है। लेकिन इसे सिर्फ एक ही मौका दिया जाएगा।
शासन किसानों को फसलों का पूरा समर्थन मूल्य देने और क्रय केंद्रों पर बिचौलियों से निजात दिलाने के लिए नई व्यवस्था की शुरूआत करने जा रही है। अब आने वाले समय में धान-गेहूं आदि फसलों की खरीद ई-पॉश मशीन से होगी। इसके लिए ट्रायल भी शुरू हो गया है। इसकी शुरूआत इस बार गेहूं खरीद के दौरान हो सकती है।
- जेया करीम अहमद, जिला विपणन अधिकारी