डिबाई। करीब 85 लाख की लागत से क्षेत्र में नेशनल हाईवे के किनारे चार किमी लंबी पेयजल लाइन बिछाए जाने की आस जगी है। करीब तीन साल से लंबित इस कार्य के लिए एक बार फिर से एनएचएआई ने अनुमति दी है। पेयजल लाइन बिछने से क्षेत्र के हजारों लोगों को गंदे पानी के संकट से निजात मिलेगी।
क्षेत्र के लोगों को पेयजल देने के लिए मई 2020 में 14.77 करोड़ की लागत से 37.44 किमी लंबी पेयजल लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था। क्षेत्र की कई कॉलोनियों में पेयजल लाइन बिछाने के साथ ही 1300 किलो लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक भी बनाकर एक ट्यूबवेल लगाई गई लेकिन, इसके बाद काम बंद कर दिया गया और हाईवे किनारे चार किमी लंबी पेयजल लाइन को बदलने के लिए काम नहीं किया गया।
बताया जा रहा है कि नेशनल हाईवे के किनारे करीब चार किमी लंबी पेयजल लाइन करीब 50 साल पुरानी है। इस बीच नेशनल हाईवे के दोबारा निर्माण के कारण पेयजल लाइन जर्जर हो गई और आए दिन लीकेज से न केवल सड़कों में गड्ढे बने बल्कि लोगों को भी दूषित पानी पहुंचने लगा। इसके बाद भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते काम को शुरू नहीं किया गया। पिछले दिनों अमर उजाला में खबर प्रकाशित की गई तो अधिकारियों ने समस्या का संज्ञान लिया। अब एनएचएआइ की ओर से फिर से कार्य को पूरा करने के लिए शर्तों के साथ नगर पालिका को अनुमति दी गई है। कार्य को शुरू कराने के लिए नगर पालिका अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है। अगले चार माह में इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य है।
पेयजल लाइन बिछाने के लिए एनएचएआई की ओर से अनुमति मिल गई है। जल्द ही कार्य शुरू कराकर जर्जर पेयजल लाइन को बदलवाया जाएगा। - अरुण सिंघल, अध्यक्ष, नगर पालिका।