नरौरा। गंगा नदी में रविवार को एक डॉल्फिन मृत मिली। इसका शव पानी में उतराता देखा गया। इसे वन विभाग की टीम ने स्टीमर की मदद से बाहर निकाला। डॉल्फिन को देखने के लिए लोग उमड़ पड़े। अभी तक डॉल्फिन की मौत के कारणों का पता नहीं चला है। डॉल्फिन का पोस्टमॉर्टम होगा और इसके लिए तीन डॉक्टरों की टीम बनाई है। पोस्टमॉर्टम होने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। चिकित्सक शाॅक से माैत का अंदेशा जता रहे हैं।
गंगा नदी के गढ़ बैराज से लेकर नरौरा बैराज तक के क्षेत्र को रामसर साइड के नाम से जाना जाता है। यह क्षेत्र काफी सुरक्षित होने के कारण यहां पर डॉल्फिन को कभी भी उछल-कूद करते देखा जा सकता है। इनकी गतिविधियों पर वन विभाग की भी नजर रहती है। वहीं, हर साल इनकी गिनती की जाती है। साथ इनके संरक्षण के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। दुर्लभ प्रजाति की होने के कारण डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया है। वन क्षेत्राधिकारी मोहित चौधरी ने बताया कि रविवार गंगा नदी के बीच पानी पर एक डॉल्फिन देखी। काफी समय तक जब कोई गतिविधि नहीं हुई तो कुछ शक हुआ। इस पर स्टीमर से पास जाकर देखा तो डॉल्फिन मरी मिली। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। साथ ही दूसरे विभागीय कर्मचारी मौके पर बुलाए और स्टीमर की मदद से डॉल्फिन को गंगा किनारे लाया गया।
उन्होंने बताया कि मृत डॉल्फिन मादा है और उसकी लंबाई छह फीट के आसपास है। शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान भी नहीं है। डॉल्फिन की मौत का पता पोस्टमॉर्टम के बाद ही चलेगा। इसका तीन चिकित्सकों की टीम पोस्टमॉर्टम करेगी। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट मिलने पर ही मौत के कारणों का पता चलेगा। आशंका यह भी जताई जा रही है कि शॉक के वजह से इसकी मृत्यु हुई है। बताया कि कई बार अन्य मछलियों के संपर्क में आने से और अन्य वजहों से डॉल्फिन को शॉक होता है, इससे उसकी मृत्यु हो सकती है। मृत डॉल्फिन को देखने लोगों की भीड़ उमड़ी और उसका मोबाइल से वीडियो भी बनाया। बता दें कि पिछले वर्ष भी दो डॉल्फिन मृत पाई गई थी।