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Bulandshahar News: आपत्तियों का निस्तारण शुरू, बदले जाएंगे नौ परीक्षा केंद्र

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बुलंदशहर। यूपी बोर्ड की ओर से 119 प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों पर विभाग को 55 आपत्तियां मिली हैं। इनमें शामिल नौ राजकीय विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे। केंद्र व्यवस्थापकों ने केंद्रों पर सुविधा और संसाधन नहीं होने के कारण केंद्र बदलवाने की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर मिली आपत्तियों का निस्तारण शुरू हो गया है।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 24 नवंबर को 119 प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची जारी की थी। राजकीय हाईस्कूल घमरावली, राजकीय हाईस्कूल बदरखा सीरवास, राजकीय हाईस्कूल कन्हैरा, राजकीय हाईस्कूल नगला रूमी, राजकीय हाईस्कूल नई बस्ती, राजकीय हाईस्कूल फरीदा बॉगर, राजकीय हाईस्कूल जालखेड़ा और राजकीय हाईस्कूल सैठा भी शामिल रहे। जब तक आपत्ति मांगी गईं इन स्कूलों के प्रधानाचार्य ने आपत्ति दर्ज कराई है कि इनमें सुविधा और संसाधन की कमी है। इसके चलते इन स्कूलों को परीक्षा केंद्र न बनाया जाए। इन स्कूलों में सीसीटीवी भी नहीं होने की बात सामने आई है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब विभाग की ओर से इन नौ विद्यालयों के बजाए अन्य विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा प्राप्त हुई आपत्तियों में छात्र संख्या कम करने और छात्राओं का परीक्षा केंद्र दूर बनाने समेत अन्य मामले शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक शिवकुमार ओझा ने बताया कि सभी आपत्तियों का निस्तारण शुरू हो गया है। इसके लिए सभी एसडीएम का भी सहयोग लिया जा रहा है, जो नौ राजकीय हाईस्कूल परीक्षा केंद्र की सूची में शामिल हैं। उनके स्थान पर अब दूसरे विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। बोर्ड के निर्देश पर आपत्तियों का निस्तारण कर उसकी पूरी रिपोर्ट समय पर भेज दी जाएगी। इसके बाद ही फाइनल परीक्षा केंद्रों की सूची जारी होगी।
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दोबारा अपलोड होगा डाटा
बोर्ड की ओर से प्रयोगात्मक परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जिले में दूसरे चरण में दो फरवरी से नौ फरवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। बोर्ड ने प्रयोगात्मक परीक्षा में फर्जी परीक्षकों की नियुक्ति रोकने के लिए कमर कस ली है। कुछ विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षा 50 अंक की होती है। विषय नहीं पढ़ाने वाले शिक्षकों के प्रयोगात्मक परीक्षक नियुक्त होने के आरोप लगते रहे हैं। प्रयोगात्मक परीक्षा में नंबर आवंटन में पक्षपात करने के भी शिकायत शासन तक पहुंची है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस पर बोर्ड ने शिक्षकों की योग्यता और पढ़ाए जाने वाले विषयों का ब्यौरा दोबारा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
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