हापुड़। माध्यमिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने के लिए डिजिटल साक्षरता तेजी से लागू की जा रही है। शासन के निर्देश पर अब विद्यालयों में पढ़ाई को तकनीक से जोड़ते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकाधिक उपयोग किया जाएगा। इसके तहत सभी पंजीकृत विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी बनाना अनिवार्य किया गया है, ताकि उन्हें ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई और शैक्षिक गतिविधियों से जोड़ा जा सके।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ-साथ गृहकार्य, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन की प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाया जाए। स्मार्ट क्लासेज और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ाने पर विशेषज्ञ ध्यान दिया जा रहा है। इससे कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाया जा सकेगा और विद्यार्थियों की रुचि पढ़ाई में बढ़ेगी।
कार्यवाहक डीआईओएस डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालयों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों को ई-मेल आईडी के व्यावहारिक उपयोग के लिए प्रशिक्षित करें। छात्र ई-मेल के माध्यम से असाइनमेंट भेजना, अध्ययन सामग्री प्राप्त करना और शिक्षकों से संवाद करना सीखेंगे। इससे उनमें तकनीकी दक्षता विकसित होगी, जो भविष्य में उनके करियर के लिए भी लाभकारी साबित होगी।
डीआईओएस का कहना है कि डिजिटल साक्षरता के जरिये न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता और नवाचार की सोच भी विकसित होगी।