सिकंदराबाद। युवक की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी, परिवार के लोगों को सुरक्षा, उचित मुआवजा दिए जाने, जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर मृतक का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। पुलिस, प्रशासनिक अफसरों के काफी समझाने और मांगों को पूरा किए जाने के आश्वासन पर 24 घंटे बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
शनिवार की तड़के कोतवाली क्षेत्र के गांव गेंदपुर शेखपुर निवासी जीतू उर्फ जितेंद्र पुत्र रौदास की घर में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। मृतक के भाई अरुण ने गांव निवासी आकाश, दीपक टिंकू पर जीतू के साथ मारपीट करने से आई गंभीर चोट के कारण मौत होने का आरोप लगाया था। वही आरोपियों पर जातिसूचक शब्दों से भी अपमानित करने का आरोप लगाया था। जीतू आकाश के यहां मजदूरी कराता था। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 गैर इरादतन हत्या, एससी, एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी।
पोस्टमार्टम के बाद शनिवार की शाम चार बजे शव को परिजनों को सौंप दिया था लेकिन परिजनों ने रिश्तेदारों के आने का हवाला देकर अंतिम संस्कार नहीं किया था। रविवार की सुबह विभिन्न संगठनों समेत बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। मामले की जानकारी होने पर सीओ पूर्णिमा सिंह, तहसीलदार धर्मवीर भारती, कोतवाल रवि रतन सिंह पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन, मौके पर मौजूद लोग आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने, जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार नहीं किए जाने की मांग पर अड़ गए। लोग पीड़ित परिवार को मुआवजा, सुरक्षा दिए जाने की भी मांग कर रहे थे।
पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों के काफी समझाने पर भी वह अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में अफसरों के मांगों को पूरा किए जाने के आश्वासन पर परिजनों ने रविवार की शाम चार बजे शव का अंतिम संस्कार किया। सीओ पूर्णिमा सिंह ने बताया कि नियमानुसार कार्रवाई किए जाने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के आश्वासन पर परिजनों ने शाम चार बजे शव का अंतिम संस्कार कर दिया।