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प्रशासन से हारा राष्ट्रपति से सम्मानित कमांडो

Fri, 25 Nov 2016 01:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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अन्य - फोटो : अमर उजाला
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आतंकियों से लोहा ले चुके शौर्य चक्र विजेता गांव भटौना निवासी मरीन कमांडों प्रवीण कुमार तेवतिया जिले के प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही का शिकार हुआ है। एसडीएम से लेकर डीएम तक लगातार गुहार लगाने के बाद वह अपने गांव में एक लाइब्रेरी नहीं बनवा सके हैं।

अब उन्होंने ग्राम पंचायत की जमीन पर खुद लाइब्रेरी बनवाने का संकल्प लिया है। कमांडो प्रवीण कुमार 26 नवंबर 2008 की रात मुंबई के ताज होटल में नरसंहार मचाने वाले आतंकवादियों से लोहा लेने वाली टीम में शामिल थे। वह आतंकियों की गोलियों से घायल हो गए थे। गांव की सामान्य समस्याओं को लेकर मायूस हैं।
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किसान चन्द्रपाल सिंह के पुत्र प्रवीण तेवतिया ने बताया कि उसने प्रशासन से गांव में सार्वजनिक पुस्तकालय स्थापित करने की मांग की थी। साथ ही गांव में बिजली की सुचारु सप्लाई कराने एवं जर्जर तार बदलने की मांग की थी। इसको लेकर वह डीएम से मिले थे। कई साल बीतने के बाद भी उनकी बात पर गौर नहीं किया गया।

प्रवीण का कहना है कि अब गांव में ग्राम पंचायत की जमीन पर स्वयं ही सार्वजनिक पुस्तकालय स्थापित कराएंगे। ग्राम पंचायत ने उनको जमीन देने की तैयारी शुरू कर दी है। 26 नवंबर 2008 की घटना के बारे में प्रवीण ने बताया कि आधी रात को कमांडिंग अफसर के आदेश पर अपने 31 साथियों के साथ उन्होंने मुंबई के ताज होटल मेें घुसकर वहां फंसे लोगों को निकालना शुरू किया था।

जब होटल की दूसरी मंजिल की तरफ बढ़े तो आतंकवादियों की गोली कान को चीरते हुए निकल गई। पांच गोलियां बुलेट प्रुफ जैकेट में लगी। जिनमें से दो गोलियां छांती में लगी थीं। घायल अवस्था में आतंकियों पर एके 47 से फायरिंग शुरू कर दी थी।

उन्हें अपने साथियों की सपोर्टिंग फायरिंग मिल रही थी। फायरिंग के दौरान उन्हें मैसेज दिया गया कि कमरे में आतंकवादी छिपे हैं। आतंकियों को टारगेट कर हैड ग्रेनेड फेंका, तभी आतंकियों ने आंसू गैस छोड़ दी। कमरे में दम घुटने लगा तो वह बाहर निकल आया। एक माह तक मुंबई के अस्पताल में इलाज चला।
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प्रवीण को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा शौर्य चक्र से सम्मानित किया जा चुका है। प्रवीण अब एक नये रिकॉर्ड की तरफ भी बढ़ रहा है। उसने बताया कि 13 नवंबर को मुंबई में 21 किलोमीटर की हॉफ मैराथन दौड़ उसने एक घंटा 40 मिनट में पूरी की है। अब वह 15 जनवरी को फुल मैराथन में भाग लेगा।

प्रवीण कुमार ने नोटबंदी के बारे में कहा कि 500 व 1000 के नोट बंद होने से नकली नोटों के खात्मे से आतंकवादियों की कमर टूट गई है।

 
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