तेंदुआ के शावक को लखनऊ भेजने की तैयारी
बुलंदशहर/बुगरासी। क्षेत्र के गांव बसी बांगर में मिले तेंदुआ के शावक को वन विभाग लखनऊ भेजने की तैयारी कर रहा है। उसका विभागीय अधिकारियों ने मेडिकल करवा लिया है। इसे लखनऊ भेजने के लिए मेरठ के अधिकारियों से अनुमति मांग ली है।
बुगरासी क्षेत्र का वन क्षेत्र अनूपशहर वन रेंज के अंतर्गत आता है। इस क्षेत्र के वन रेंजर जीपी सिंह ने बताया कि शनिवार की देर रात बुगरासी के जंगल में लोगों ने तेंदुआ के शावक को देखा था। इसकी सूचना मिलते ही स्याना के एसडीएम भी मौके पर पहुंच गए थे और इस शावक को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर शावक को अपने कब्जे में ले लिया था। शावक करीब तीन सप्ताह का है। संभावना जताई जा रही है कि इस क्षेत्र में तेंदुआ कहीं से भटक कर पहुंच गया है। जो शावक मिला है वह अपनी मां से बिछड़ कर यहां पहुंच गया। उसकी मां और अन्य तेंदुओं की पग चिन्ह के आधार पर तलाश की जा रही है।
शिकारपुर क्षेत्र में भी हो चुकी है एक तेंदुए की मौत
पिछले दिनों शिकारपुर क्षेत्र में भी एक तेंदुए को देखा गया था। यह एक किसान के खेत में लगाए गए जाल में फंस गया था। इसे पकड़ने के लिए मेरठ से टीम बुलाई गई थी। लेकिन जब तक टीम पहुंची तो उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद अब बुगरासी क्षेत्र में तेंदुआ का शावक मिलने से संभावना जताई जा रही है कि जिले में तेंदुए पहुंच गए हैं।
तेंदुआ आए तो विभाग के भरोसे न रहें
बुलंदशहर/बुगरासी। क्षेत्र के गांव बसी बांगर के जंगल में शावक मिलने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूटने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। उन्होंने शावक मिलने के बाद भी तेंदुआ की तलाश नहीं की है। यदि किसान रात में अपने खेतों में काम करता है तो उस पर तेंदुआ हमला कर सकता है। आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारियों से तलाश करने की मांग की है, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। इतना ही नहीं अधिकारी और कर्मचारी कॉल तक नहीं उठाते हैं।
बोले ग्रामीण
वन विभाग की टीम को जिस तरह से तेंदुआ की तलाश करनी चाहिए थी, वह उस तरीके से काम नहीं कर रही है। लोगों में तेंदुआ को लेकर डर बना हुआ है। वह ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा सकता है। - सुहैल खान, प्रधान के पति, बसीबांगर
-
वन विभाग को ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए एक या दो दिन सर्च अभियान चलाना चाहिए। ऐसा नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों को कॉल करते हैं तो उनका फोन नहीं उठता है। - शब्बीर अंसारी, ग्रामीण
-
शावक की तलाश में तेंदुआ बस्ती के अंदर आ सकता है। वन विभाग को इस पर भी ध्यान देना चाहिए। शावक को ले जाने के बाद वन विभाग का कोई अधिकारी कर्मचारी गांव में नहीं पहुंचा है। - मुर्शीद खान, ग्रामीण
मिलते रहते हैं दुर्लभ प्रजाति के जानवर
गंगा किनारे के साथ गांव बसी बांगर के जंगल में अक्सर दुर्लभ प्रजाति के जानवर देखे जाते हैं। लगभग सात साल पहले बारहसिंहा भटकते हुए आबादी की ओर आ गया था। रात में कुछ शिकारियों ने उसका शिकार कर लिया था। हालांकि बाद में इस घटना में सात के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। लगभग नौ साल पहले किसौला-हाजीपुर के जंगल में तेंदुआ देखा गया था। उसे पकड़ने के लिए ग्रामीणों की मदद से वन विभाग ने प्रयास किया था लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। अहार क्षेत्र में भी दो साल पहले एक तेंदुआ मृत मिला था। कई दिन पहले इसी क्षेत्र में बारहसिंहा को कुत्तों ने मौत के घाट उतार दिया था।
शावक को पकड़ वन विभाग को सौंप दिया गया है। आगे की सभी कार्रवाई वन विभग द्वारा की जाएगी। - संदीप केला, एसडीएम स्याना।