दस साल पहले शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव आंचरूकला में लेनदेन के विवाद में हुई युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों में से दो भाइयों को दोषी करार दिया है। सजा पर 16 नवंबर को बहस के बाद निर्णय लिया जाएगा। दूसरे हत्यारे की कोर्ट में अनुपस्थिति के चलते गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। साथ ही उसके जमानतियों को नोटिस भी जारी किए हैं।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी यशपाल सिंह राघव ने बताया कि वादी वीरपाल शर्मा पुत्र सोरनलाल शर्मा निवासी आंचरूकला ने 24 अगस्त 2006 को थाना शिकारपुर में एफआईआर दर्ज कराई थी कि 24 अगस्त 2006 की सुबह करीब 7.30 बजे उसके बेटे नीरज की गांव के ही संजय, उसके भाई मुकुट और भोला पुत्र जगदीश शर्मा ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
हत्या के पीछे लेनदेन का विवाद था। दरअसल वादी के संजय शर्मा पर पचास हजार रुपये उधार थे। तकादे पर संजय ने उनके बेटे नीरज के खिलाफ जानलेवा हमले की फर्जी रिपोर्ट लिखवा दी थी। 24 अगस्त 2006 की सुबह करीब 7.30 बजे वादी का पुत्र नीरज शर्मा गांव में ही दूध की डेयरी पर खड़ा था।
तभी गांव के संजय शर्मा उसका छोटा भाई मुकुट शर्मा पुत्र जगदीश प्रसाद शर्मा व भोला पुत्र जगदीश शर्मा अपने हाथों में तमंचे लेकर आए। भोला ने नीरज को पकड़ लिया। संजय व मुकुट ने नीरज पर कई फायर किए। नीरज की मौके पर ही मौत हो गई।
इस मामले में तमाम गवाहों के बयानों व साक्ष्यों का अवलोकन कर न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच बहस सुनकर संजय शर्मा व मुकुट शर्मा को दोषी करार दिया।
न्यायालय में उपस्थित संजश शर्मा को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। कोर्ट ने अनुपस्थित मुकुट शर्मा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए। उसके जमानतियों को नोटिस जारी किए हैं। सजा के प्रश्न पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 16 नवंबर 2016 नियत की है।