शिकारपुर में सुतली बम से हुए विस्फोट के बाद शासन-प्रशासन हरकत में आ गया। विस्फोट के बाद लखनऊ से अफसर जिले के अफसरों से लगातार अपडेट लेते रहे।
घटना के दौरान आईजी जोन आलोक शर्मा पंचायत चुनाव के मद्देनजर अफसरों की बैठक पुलिस लाइन में ले रहे थे। उन्होंने तत्काल सीओ खुर्जा को कई थानों की फोर्स के साथ घटना स्थल परभेजा। सारी जानकारी सीओ से लेने के बाद लखनऊ को अपडेट किया।
सूत्रों के अनुसार घटना को किसी बड़ी साजिश का हिस्सा मानते हुए शासन ने एटीएस को जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि, पुलिस के अफसर विस्फोट को गंभीर साजिश बताने से बच रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मौके से मिले विस्फोटक के टुकड़े को जांच को भेजा जाएगा। फोरेंसिक टीम ने उसे कब्जे में ले लिया है।
वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस विस्फोटक पदार्थ के धमाके के बाद एक बच्चे की जान चली गई और चार जख्मी हुए हैं वह सुतली बम जैसा दिख रहा था।
पोटली के आकार के विस्फोटक पदार्थ में पत्थर के छोटे टुकड़े, सुतली, कपड़ा और बारूद मिला है। लोगों की बात पर यकीन करें को जांच टीम के पहुंचने से पहले बमनुमा पोटली से बारूद की गंध आ रही थी। कपड़ा जल गया था।
दोस्ती खींचकर ले गई मौत के मुहाने में
तबीयत खराब होने पर नितिन ने दोस्तों के साथ जाने से इनकार कर दिया था, लेकिन दोस्तों ने उसे दोस्ती का वास्ता दिया और नितिन ने दोस्तों को उदास नहीं किया।
रोजाना बकरी चराने साथ जाने वाले पांचों दोस्त बुधवार दोपहर भी साथ चले गए। जंगल में खेलते हुए बंबे की पटरी के निकट पहुंचे। जहां पांचों को अजीब सी चीज दिखाई दी। लेकिन किसी को नहीं पता था कि कपड़े में लिपटी वह वस्तु मौत का सामान है।
हादसे में घायल हुए पिंटू ने बताया कि नितिन रोजाना बकरी चराने के लिए जंगल में जाता था। बुधवार को उसकी कुछ तबीयत खराब थी। बुधवार सुबह उसने जाने से मना कर दिया था।
मगर, दोस्तों के कहने पर नितिन जंगल जाने के लिए तैयार हो गया। पिंटू ने बताया कि पुलिया के निकट एक कपड़े की पोटरी बंधी देखी।
नितिन और मुकेश उस पोटली के ज्यादा नजदीक थे। वह उनसे करीब पांच मीटर की दूरी पर था। मुकेश ने कपड़े से बंधी पोटली को देखकर कहा कि आओ देखते हैं इसमें क्या है। बाकी उसके पास आ पाते तब तक मुकेश ने उसे हाथ से खोल दिया था।
पिंटू ने बताया कि जैसे ही उसने पीछे मुड़कर देखा तो जोर से धमाका हुआ। मानो कि एटम बम फटा हो। धमाका होने के बाद करीब आधे घंटे तक किसी की आवाज सुनाई नहीं दी।
धमाका होते ही वह पड़ोस के खेत में भागे। शरीर पर देखा तो खून के निशान थे। चंद कदमों की दूरी पर खून से लथपथ नितिन पड़ा हुआ था। उसे देखते ही सभी चीख निकल गई।
धमाका तेज था, दूर तक सुनी गई आवाज
बराबर के खेत पर मौजूद ग्रामीण निर्मल पुत्र सुखपाल ने बताया कि एकाएक उनको तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। वह समझ नहीं पाए कि यह धमाका कैसा है।
घायल बच्चों को चीखते हुए भागते देखने पर पता चला कि यह विस्फोट की आवाज थी। कस्बे के रविंद्र, राजेश और कपिल का कहना था कि दूर तक आवाज सुनी गई।
एक बार लोग दहशत में आ गए। मौके पर जाने के बाद भी बमनुमा पोटली को किसी ने छेड़ने की हिम्मत नहीं की।
कई मीटर तक पहुंचे खून के छींटे
धमाका इतना तेज था कि उसका शिकार नितिन का शरीर दो जगह से फट गया। उसके खून के छींटे पुलिया के ऊपर और आसपास कई मीटर दूर तक फैल गए।
वहीं, लोगों ने आशंका जताई कि किसी ने साजिश के तहत इसको यहां डाला था, क्योकिं इस इलाके में ज्यादातर खेत पर काम करने वाले लोग आते हैं, पुलिया पर बैठकर आराम भी करते हैं।