कोर्ट को निर्बाध आपूर्ति के लिए बनाए गए फीडर के निर्माण के लिए ठेकेदारों ने सड़क ही उखाड़ दी। ठेेकेदार के खिलाफ पीडब्ल्यूडी के जेई ने नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं एक्सईएन ने पीडब्ल्यूडी की सड़क को ठीक कराने पर ही ठेकेदार को भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
जिला न्यायालय को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए भूड़ 33/11 केवीए बिजलीघर से स्वतंत्र फीडर बनाया जाना था। नियमानुसार यह फीडर की लाइन सड़क के किनारे खड़ंजे को उखाड़कर बनाई जानी थी। ठेकेदार ने खड़ंजे के साथ-साथ सड़क को भी उखाड़ दिया।
इसके लिए पीडब्ल्यूडी से कोई एनओसी भी नही ली गई थी। छह महीने पहले ही बनी सड़क पूरी तरह खराब हो गई। अब बिजली ठेकेदार सुनील माहेश्वरी के खिलाफ पीडब्ल्यूडी के जेई राजीव शर्मा ने नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं पावर कारपोरेशन के एक्सईएन ने भी ठेकेदार का भुगतान रोकने के आदेश दिए हैं।
जब तक ठेकेदार द्वारा पीडब्ल्यूडी से एनओसी नहीं लली जाती है, तब तक फर्म को भुगतान नहीं दिया जाएगा। गौरतलब है कि कालाआम से भूड़ तक पीडब्ल्यूडी द्वारा करीब 60 लाख रुपये की लागत से सड़क का निर्माण कराया गया था।
पीडब्ल्यूडी के जेई राजीव शर्मा का कहना है कि ठेकेदार द्वारा विभाग से बिना एनओसी लिए गलत तरीके से काम शुरू किया गया। अभी हाल ही में बनाई गई सड़क को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया गया। लगातार सूचना के बावजूद काम नहीं रोका गया। ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।