दनकौर के मंडीश्याम नगर में प्लॉट के विवाद में मामा ने साथियों संग मिलकर रविवार को भांजे और उसके रिश्तेदार का अपहरण कर लिया। भांजा सेना में है और वह प्लॉट पर निर्माण कराने छुट्टी लेकर आया था। अपहरण के कुछ ही घंटों बाद मुठभेड़ में मामा समेत दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
फौजी और उसके रिश्तेदार को सकुशल बरामद कर लिया गया। अन्य आरोपी पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि बुलंदशहर जिले के बरमदपुर गांव निवासी पिंकू सेना में है। उसका दनकौर के मंडीश्याम नगर में प्लॉट है।
रविवार को वह और अट्टा गुजरान निवासी उसका रिश्तेदार अरुण प्लॉट पर निर्माण कार्य करा रहे थे। आरोप है कि पिंकू और अरुण का स्कॉर्पियो कार सवार जमालपुर गांव निवासी महेंद्र, तिलकराज, जिम्मी भाटी, बिट्टू और चार अज्ञात लोग अपहरण कर ले गए।
महेंद्र पिंकू का सगा मामा है। आसपास के लोगों ने अपहरण की सूचना पुलिस को दी। परिजनों ने रविवार रात चारों आरोपियों के खिलाफ अपहरण की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। सोमवार तड़के पुलिस को बांजरपुर गांव के जंगल में एक स्कॉर्पियो कार खड़ी होने की सूचना मिली।
पुलिस ने कार की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम पर फायरिंग कर आरोपी भागने लगे। पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए महेंद्र और तिलकराज को पकड़ लिया जबकि अन्य आरोपी फायरिंग करते हुए कार लेकर फरार हो गए। पुलिस ने उनके कब्जे से पिंकू और अरुण को छुड़ा लिया। दोनों आरोपी जेल भेज दिए।
कई साल से प्लॉट को लेकर मामा-भांजे में रंजिश चल रही है। बरमदपुर निवासी महेंद्र की बहन सुशीला की कई साल पहले ससुराल में हत्या कर दी थी। महेंद्र पिंकू की जमीन को हड़पने का प्रयास कर रहा था।
- रवींद्र राठी, दनकौर कोतवाली इंचार्ज