सोशल ट्रेड पर जमा-पूंजी गंवाने वाले हजारों लोगों को अब कानूनी कार्रवाई करने पर रुपये डूबने का भय दिखाया जा रहा है। सोशल ंमीडिया पर कंपनी के एजेंट दुष्प्रचार करने में लगे हुए हैं। ठगी का शिकार हुए लोगों को कानूनी कार्रवाई करने पर पैसे डूबने का डर भी दिखाया जा रहा है। करोड़ों रुपये गवां चुके हजारों लोगों के सामने अब उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
सोशल ट्रेड पर ठगी का शिकार हुए लोगों को डराने के लिए एजेंटों ने नया शिगूफा छेड़ दिया है। ठगी का शिकार हुए लोगों को डर दिखाया जा रहा है कि यदि कानूनी कार्रवाई की गई तो उनका पैसा भी डूब जाएगा। सोशलं मीडिया पर कंपनी के एजेंट दुष्प्रचार करने में जुटे हुए हैं। एजेंट इन मैसेज को तेजी के साथ वायरल कर रहे हैं। कुछ लोगों को अब भी अपने पैसे बचने की आस दिखाई दे रही है।
स्याना में अनुभव के खिलाफ एफआईआर
नोएडा की एबलेज इंफो सोल्यूशन कंपनी द्वारा की गई ठगी का शिकार स्याना का युवक भी हुआ। युवक ने कंपनी मालिक अनुभव मित्तल के खिलाफ स्याना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। स्याना के गढ़ स्टैंड के समीप टीचर्स कालोनी निवासी अब्दुल जब्बार ने कंपनी के खाते में 1.15 लाख रुपये की एनईएफटी कराई थी।
इस पर कंपनी ने केवल 15 हजार रुपये वापस किये। पीड़ित अब्दुल जब्बार जब अपने पैसे मांगने नोएडा गया तो उसे गनमैन द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई। इसके अलावा बुलंदशहर नगर कोतवाली में प्रवीण शर्मा निवासी मोहनकुटी की तरफ से भी तहरीर दी गई है।
साइबर कैफे व देहाती क्षेत्रों से चल रहा था नेटवर्क
सोशल मीडिया पर लिंक लाइक कर पैसे कमाने के नाम पर चल रही करोड़ो की ठगी का नेटवर्क पॉटरी नगरी तक फैला हुआ था। पर्दाफाश होने के बाद एसटीएफ इनकी जड़ाें को खंगालने में जुटी हुई है। खास बात है कि युवाओं को झांसा देकर धंधे में झोंकने वाले कॉलेज रोड स्थित साइबर कैफे और देहाती क्षेत्रों से जुड़े लोग भी सामने आ रहे हैं।
धंधे का पर्दाफाश होने से कई साईबर कैफे संचालकों में हड़कंप मचा है। घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से मोटी कमाई का लालच देकर सात लाख लोगों से 3700 करोड़ रुपये की ठगी मामले में नगर के कई लोग शामिल हैं। इन लोगों ने कंपनी के एकाउंट में रुपये जमा कराए थे। अब ठगी का एहसास होने पर लोगों को लाखों का चूना लगा है। कोतवाली प्रभारी धनजंय मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
बीमा धारकों का पैसा लगाने की होगी जांच
फ्रीगंज रोड स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम के एक लाइफ प्लस कार्यालय में तैनात विकास अधिकारी द्वारा सैकड़ों बीमा धारकों का पैसा सोशल ट्रेड कंपनी में लगा दिए जाने की जांच का आदेश दिया गया है। बीमा धारकों की शिकायत पर कार्यालय भी बंद करा दिया गया है।
फ्रीगंज रोड पर भारतीय जीवन बीमा निगम का लाइफ प्लस ऑफिस चल रहा है। इसमें बीमा धारक अपनी किस्त जमा कराते हैं, लेकिन इस कार्यालय पर तैनात विकास अधिकारी भी डिजिटल मार्केटिंग कंपनी (सोशल ट्रेड) से अछूते नहीं रहे। कंपनी के आकर्षक प्लान के जाल में फंसकर उक्त अधिकारी ने सैकड़ों बीमा धारकों का लाखों रुपया निवेश करा दिया।
अब कंपनी पर एसटीएफ की छापामारी और बीते एक महीने से निवेशकों के खातों में पैसा नहीं पहुंचने पर बीमा धारकों में भी आक्रोश पनपने लगा है। बीमा धारकों ने इसकी शिकायत भारतीय जीवन बीमा निगम के सीनियर डिविजनल मैनेजर (एसडीएम) से कर दी थी। एसडीएम ने उक्त अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी है, साथ ही लाइफ प्लस ऑफिस को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।