खुर्जा से रालोद प्रत्याशी मनोज गौतम के छोटे भाई विनोद गौतम और उसके दोस्त सचिन की हत्यारों की सुरागसी में जुटी पुलिस को जब राहुल के मोबाइल में कॉल की रिकार्डिंग मिली तो कुछ ही घंटों में डबल मर्डर का खुलासा हो गया। विनोद के साथ हमेशा रहने परविंदर के अचानक रात में गायब होने और परविंदर की तलाश के दौरान राहुल के मोबाइल से मिली कॉल रिकॉर्डिंग से पुलिस को हत्या में शामिल परविंदर और फिरोज का पता चला।
कुछ ही घंटे में फिरोज हत्थे चढ़ गया जिससे पूछताछ के बाद पुलिस मनोज गौतम तक पहुंच गई। अब पुलिस अलीगढ़ निवासी परविंदर की तलाश में छापेमारी कर रही है। क्राइम ब्रांच में सर्विलांस प्रभारी रामेश्वर सिंह ने बताया कि विनोद के साथ रहने वाले परमिंदर के अचानक रात में गायब होने के बाद मनोज गौतम के ड्राइवर राहुल से कॉल रिकॉर्डिंग मिल गई।
दो मिनट 27 सेकेंड की रिकॉर्डिंग सुनने के बाद पुलिस को कहानी समझते में देर नहीं लगी। सबसे पहले पुलिस ने राहुल की कॉल डिटेल खंगाली। पता चला कि रिकॉर्डिंग में हुई दूसरी आवाज फिरोज की है। पूछताछ में मामन खुर्द निवासी फिरोज ने सच उगल दिया। अब पुलिस के सामने दिक्कत थी कि यदि मनोज गौतम को हिरासत में लिया तो उसके समर्थक भड़क सकते हैं।
मंगलवार दोपहर तक मनोज गौतम काला स्थित हॉस्पिटल में भर्ती था। अस्पताल से छुट्टी मिलने पर दिन छिपते ही पुलिस ने मनोज गौतम को हिरासत में ले लिया। मनोज को हिरासत में लिए जाने पर परिजनों और मनोज के करीबियों को संदेह हो गया था। पुलिस ने मनोज के घर से उसकी पिस्टल बरामद कर ली।
पुलिस ने मनोज को रिकॉडिंग सुनाकर फिरोज को सामने बैठाकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, मनोज ने बताया कि मैंने राजनीति में करोड़ों रुपए गवां दिए। फिर भी मुझे बसपा का टिकट नहीं मिला। मैंने रालोद से टिकट लिया। तभी से मेरे दिमाग में ये बात आई कि अपने सगे-संबंधी की चुनाव के दो-चार दिन पहले हत्या करा दूं।
जिसका आरोप मेरे प्रतिद्वंदी पर लग जाएगा। जनता की सहानुभूति मेरे साथ हो जाएगी और मैं विधायक बन जाऊंगा। मैंने परविंदर से बात की और एक साजिश के तहत परविंदर ने अपने साथ फिरोज को लिया। मनोज ने बताया कि मैंने 5-6 दिन पहले ही यह योजना बना ली थी। लेकिन सही मौके का इंतजार था।
छह फरवरी की शाम जयंत चौधरी की जनसभा करने के बाद मैंने योजना के तहत अपनी पिस्टल देकर परविंदर और फिरोज को अगवाल फाटक पर भेज दिया था। मनोज ने बताया कि मैंने अपने कार्यालय के पीछे जाकर शाम छह बजकर 30 मिनट पर अपने भाई विनोद को मोबाइल से फोन किया कि तुम मुझे लेने अगवाल फाटक पर आ जाओ।
जिस पर विनोद स्कार्पियो गाड़ी को लेकर चला तो उसके साथ सचिन भी बैठ गया। इसी बीच मनोज ने परविंदर को फोन कर दिया। मनोज ने बताया कि परविंदर और फिरोज ने विनोद व सचिन की मेरी ही लाईसेंसी पिस्टल से हत्या कर दी। पुलिस ने मनोज व फिरोज को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
मनोज के खिलाफ पुलिस के हाथ लगे यह सबूत
मनोज ने विनोद को कॉल करके अगवाल फाटक पर भेजा
फिर मनोज की आेर से फिरोज को कॉल कर विनोद के पहुंचने की जानकारी देना
मनोज के ड्राइवर के मोबाइल से मिली कॉल रिकॉर्डिंग
मनोज की लाइसेंसी पिस्टल की बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट
मनोज ने कबूल की गई वारदात की वीडियो रिकॉर्डिंग
मुख्यारोपी परविंदर का गायब होना
फिरोज से विनोद व सचिन के बरामद मोबाइल
घटना स्थल से बरामद गोलियों के तीन खोके