फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंदिर में मर्डर कर पुजारी ने किया सरेंडर

Tue, 22 Dec 2015 10:38 PM IST
अमर उजाला, औरंगाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
दो साल पुरानी रंजिश के चलते नवनिर्माणाधीन बालाजी मंदिर में मंगलवार सुबह पुजारी ने डबल मर्डर के आरोपी की ईंट से सिर कुचलकर हत्या कर दी और खुद थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया।
विज्ञापन


इस पर भड़के ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर पांच घंटे तक शव नहीं उठने दिया। एसपी क्राइम के आश्वासन पर  ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने मृतक के हाथ से तमंचा बरामद किया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

अगौता थानाक्षेत्र के गांव पवसरा निवासी सुरेंद्र सिंह का पुत्र ऋषिपाल चौहान पर बीस साल पहले गांव के ही नीतू पुत्र किशनपाल व रिंकू पुत्र जगमाल निवासी पवसरा की ईट से कुचल कर हत्या करने का आरोप है।
विज्ञापन


वह जमानत पर छूटा तो दो साल पहले उसका बालाजी मंदिर के संस्थापक और पुजारी रामेंद्र से विवाद हुआ था। इसके बाद से वह दिल्ली की हर्ष बिहार कालोनी में रह रहा था।

सीओ गुलावठी हिमांशु गौरव के अनुसार, सोमवार को ऋषिपाल अपनी ईख कटवाने के लिए गांव आया था। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे ऋषिपाल और रामेंद्र में दो साल पहले के विवाद में फैसले को लेकर कहासुनी हुई।

आरोप है कि ऋषिपाल ने रामेंद्र की जान लेने की नीयत से तमंचे से दो फायर किए। रामेंद्र बाल-बाल बचा तो उसने पलट कर ईंटों से हमला कर दिया।

उसने ऋषिपाल के सिर को ईट-पत्थरों से कुचल डाला और घेर से घसीटता हुआ मंदिर परिसर में ले गया। वहां उसकी ईट-पत्थर से वार कर हत्या कर दी।

हत्या करने के बाद रामेंद्र ने थाने पर पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। इधर ग्रामीणों ने अगौता पुलिस को सूचना दी। सूचना पर अगौता पुलिस और बाद में सीओ गुलावठी पहुंचे।

दूसरी तरफ हत्या की सूचना पर ऋषिपाल के परिजन पहुंचे तो उन्होंने हंगामा कर दिया। एसपी क्राइम अरविंद कुमार पांडेय आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को समझाया और शव को पीएम के लिए भेजा।

आमने-सामने हैं दोनों के मंदिर और मकान  
ऋषिपाल और रामेंद्र के मकान आमने सामने हैं। दोनों में पुरानी रंजिश है। पहले ही विवाद होता रहता था। रामेंद्र ने ही मंदिर का निर्माण अपने प्रयास से कराया और खुद पुजारी भी बन गया।

पुरानी रंजिश को लेकर पुजारी ने बदमाश की ईट से कुचलकर हत्या की है। पुलिस ने 315 बोर का तमंचा, दो खोखे और दो जिंदा कारतूस बरामद किये है। मृतक के पिता सुरेंद्र की तहरीर के आधार पर 6 के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। -हिमांशु गौरव, सीओ गुलावठी

मंदिर के सामने शौच करने पर हुआ था विवाद
अगौता थाना क्षेत्र के गांव पवसरा निवासी ऋषिपाल की हत्या मंदिर के सामने शौच करने के विवाद में ही हुई है। समझौता न करने पर आरोपी पुजारी ने मंगलवार को उसे ईट से कुचलकर मार डाला।

बता दे कि गत दो वर्ष पूर्व सुरेन्द्र सिंह का पुत्र ऋषिपाल नवनिर्माणाधीन बालाजी मंदिर के सामने शौच कर रहा था। उस समय मंदिर के संस्थापक और पुजारी रामेंद्र ने इसका विरोध किया था।

दोनों में कहासुनी होने के बाद जमकर लाठी-डंडे चले थे। इस मामले में पुलिस ने दोनों पर ही धारा 308 के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया था। दोनों को ही हाईकोर्ट से जमानत हुई थी। रामेंद्र बार-बार ऋषिपाल से फैसले का दबाव बना रहा था।

ऋषिपाल पर बीस साल पहले दो युवकों के मर्डर का है आरोप
मृतक ऋषिपाल पर करीब दो दशक पहले गांव के ही नीतू पुत्र किशनपाल व रिंकू पुत्र जगमाल निवासी पवसरा की ईट से कुचल कर हत्या करने और उनके शव कुएं में फेंकने का आरोप है।

उसकी गिरफ्तारी के कुछ महीने बाद इस मामले में उसे जमानत मिल गई थी।  

तमंचा भी नही आया काम
अगौता पुलिस के अनुसार मृतक ऋषिपाल के पास तमंचा था। कहासुनी के बाद ऋषिपाल ने रामेंद्र को मारने के लिए दो बार फायर किए। दोनों ही बार निशाना चूक गया। तीसरी बार कारतूस मिस होने के बाद रामेंद्र ने उसे मौत के घाट उतार दिया।

खून के धब्बे मिटाने का प्रयास
रामेन्द्र ने मृतक ऋषिपाल के घेर में ही उसपर ईटों से हमला कर दिया था। ऋषिपाल बेहोश हो गया और रामेंद्र उसे घसीटता हुआ बालाजी मंदिर परिसर में ले गया।

घेर से मंदिर तक कई जगह खून के धब्बे जमा हो गया। ऋषिपाल की मौत होने के बाद आरोपी ने खून के धब्बों पर पानी डालकर उन्हें मिटाने का प्रयास किया।
.
फोरेंसिक टीम ने लिए फिंगर प्रिंट
पवसरा स्थित बालाजी मंदिर परिसर में पहुंचकर फोरेंसिक टीम ने बारीकी से घटना स्थल का जायजा लिया और कई स्थानों के फिंगर प्रिंट लिये। एक्सपर्ट के अनुसार मृतक की गर्दन पर नुकीली वस्तु से वार किया हुआ था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें