कस्बे में बिना परमिशन निकल रही परशुराम जयंती शोभायात्रा को पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने रोक दिया। इस दौरान अफसरों और शोभायात्रा निकाल रहे लोगों के बीच जमकर नोंकझोंक हुई। उसके बाद भी अधिकारियों ने शोभायात्रा को लौटा दिया। मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
शुक्रवार को परशुराम जयंती के अवसर पर मठ मंदिर से शोभायात्रा शुरू हुई। यात्रा का शुभारंभ शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा ने नारियल फोड़ कर किया। बताया जा रहा है कि कस्बे में पहली बार निकली जा रही शोभायात्रा के लिए प्रशासन की ओर से परमिशन नहीं मिली थी।
इसकी सूचना मिलते ही एसडीएम उमाशंकर सिंह, सीओ विजय प्रकाश सिंह, थाना प्रभारी किरनपाल सिंह, समेत पुलिस प्रशासन के अफसर पहुंच गए। मुकर्रम इंटर कॉलेज के गेट पर पहुंची शोभायात्रा को अधिकारियों ने रोक दिया।
इसे लेकर शोभायात्रा संयोजकों और अधिकारियों के बीच झड़प भी हुई लेकिन परमिशन न होने की बात कहते हुए अधिकारियों ने शोभा यात्रा को वापस लौटा दिया। एसडीएम उमाशंकर सिंह ने कहा कि शोभा यात्रा के लिए कोई परमिशन प्रशासन की तरफ से नहीं दी गई।
इसके बाद भी शोभायात्रा निकालने पर रोक लगाई गई। शोभायात्रा में भूपेंद्र गौड़, मलखान सिंह, प्रेमपाल शर्मा, दिनेश, प्रशांत वशिष्ठ आदि रहे।