दो जून को नरसेना क्षेत्र में हुई सेल्समैन की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। खुलासे में आए कई झोल किसी के गले नहीं उतर रहे हैं। वारदात और खुलासे की स्क्रिप्ट में नरसेना पुलिस फंस गई है। पुलिस हत्या का कारण तो बता रही है, लेकिन इसका कोई उत्तर नहीं है कि जब हमलावर सेल्समैन को मारने आए थे, तो उन्होंने प्रकाश की हत्या क्यों कर दी?
घटना के सही तथ्यों का पता किए बिना ही पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेज दिया। ऐसे में नरसेना पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन ने बताया कि दो जून 2017 की रात नरसेना क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर के जंगल में स्थित शराब के ठेके पर प्रकाश निवासी कमालपुर की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
विवेचना के दौरान योगेंद्र उर्फ लाला व मोनू उर्फ ब्रजभान निवासी नरसेना के नाम सामने आए। आठ जून की सुबह दोनों को सबदलपुर बंबे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि 15-20 दिन पहले रघुनाथपुर में सेल्समैन सूरज के साथ शराब के रुपयों के लेनदेन को लेकर मारपीट हो गई थी।
इसको लेकर दोनों ने सूरज की हत्या की योजना बनाई। दो जून की शाम ठेके पर बैठे सेल्समैन की हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर तमंचा भी बरामद कर लिया है। लेकिन खुलासे में कई झोल हैं। जब दोनों आरोपी सूरज की हत्या करने आए थे तो उन्होंने प्रकाश की हत्या क्यों कर दी? जबकि दोनों हमलावर सुपारी किलर नहीं थे।
दोनों का सूरज से पहले झगड़ा हो चुका था। ऐसे में सूरज और प्रकाश के चेहरे में फर्क कर पाना आसान था। हमलावरों ने प्रकाश को गोली बिल्कुल नजदीक से मारी थी। पुलिस अंधेरे में पहचान न होना मान रही है।