सुपारी किलर को दबोचकर पुलिस ने रविवार को कमालुद्दीन और आरिफ हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस अब दोनों हत्याकांडों में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
खास बात यह कि कमालुद्दीन का शव अलीगढ़ में मिला था जिसे वहां की पुलिस ने अज्ञात मान कर एफआर लगा दी थी। वहीं आरिफ की हत्या में पुलिस ने उसके ममेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह फिलहाल जमानत पर है।
नगर कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि रविवार सुबह हत्या की सुपारी लेने की सूचना पर पुलिस ने शाजिद पुत्र इस्लाम निवासी रूकनसराय को पकड़ा। पूछताछ में उसने कबूला कि उसने बीते साल 17 मई को मोहल्ला इस्लामाबाद निवासी कमालुद्दीन की हत्या करके शव को अलीगढ़ के मुडराक थाना क्षेत्र में फेंक दिया था।
इस हत्या में उसके साथ मुस्तकीम, फिरोज और शहजाद साथ थे। ये तीनों कमालुद्दीन की बेटी काजल की हत्या में भी नामजद थे लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ दिए गए थे।
शाजिद ने साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2014 में आरिफ पेंटर की हत्या करना भी कबूल किया।
उसने बताया कि 17 फरवरी 2014 की शाम करीब 7.30 बजे वह अपने साथ मेहराज और फैजान के साथ मिलकर मोहल्ले में लूटपाट कर रहे थे। तभी आरिफ पेंटर वहां आ गया।
जब उससे लूटपाट की तो उसने मेहराज को पहचान लिया। तभी छुरा निकालकर उसके पेट में घोंप दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसकी जेब से महज 120 रुपये मिले थे।