पर्यावरण क्लीयरेंस की आड़ में डीएम के सामने गलत दस्तावेज रखने का मामला सामने आया है। डीएम ने अधीनस्थ अफसर पर यकीन कर फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए। एडीएम वित्त ने मामला पकड़ लिया तो गड़बड़ का खुलासा हुआ।
पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए एक फर्म की ओर से डीएम के पास आवदेन किया था। फर्म ने 1.39 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए पर्यावरण की एनओसी मांगी थी। आरोप है कि खनन अधिकारी ने 3.821 हेक्टेयर रकबा दर्शाकर डीएम के सामने फाइल रख दी और डीएम से हस्ताक्षर करवा लिए।
पर्यावरण क्लीयरेंस की फाइल एडीएम वित्त के पास पहुंची तो मामला पकड़ में आया। एडीएम वित्त ने डीएम को गड़बड़ी की जानकारी दी। इसी क्रम में फाइल का पुन: अवलोकन किया गया। गलत रिपोर्टिंग करने पर डीएम ने खनन अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
डीएम ने बताया है कि खनन अधिकारी से सही साक्ष्य को छिपाकर गलत साक्ष्य पेश किए थे। अफसर को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। ऐसा आगे से न हो इसलिए खनन विभाग के आला अफसरों को खनन अधिकारी की करतूत की जानकारी दी जाएगी। डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने यह भी बताया कि रिश्वत खोरी के मामले में खनन अधिकारी पूर्व में जेल भी जा चुका है।