क्षेत्र के गांव वैर में रविवार रात किसी ने नवजात बच्ची को रास्ते के किनारे कूड़े के ढ़ेर पर फेंक दिया। दिन निकलने पर लोगों ने देखा तो कुत्ते बच्ची को नोंच रहे थे। लोगों ने कुत्तों को भगाकर आसपास के घरों में इसकी सूचना दी। इसी बीच घायल नवजात की मौत हो गई। लोगों ने बच्ची के शव को दफना दिया।
सरकार, सामाजिक संगठनों, प्रगतिशील लोगों की लाख कोशिशों के बाद भी बेटी को समाज में समानता का अधिकार नहीं मिल पा रहा है। किसी ने रविवार रात नवजात बच्ची को गांव के बाहर वैर हसनपुरबकसवा मार्ग पर कूड़े के ढेर में फेंक दिया। सुबह ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर में कुत्तों को एक कपड़े में लिपटी किसी वस्तु को नोचते हुए देखा।
लोगों ने बताया कि पास जाकर देखा तो कपड़े में एक नवजात बच्ची लिपटी हुई थी। उसको कुत्तों ने बुरी तरह से नोच रखा था। उस समय उसकी सांस चल रही थीं। देखने से प्रतीत होता था कि बच्ची रात में ही जन्मी होगी। लोगों ने इसकी जानकारी आसपास के घरों में दी और बच्ची को गर्म कपड़े में लपेटकर स्थानीय चिकित्सक को बुलवाया। चिकित्सक के आने से पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया।
लोगों ने बच्ची को गांव के बाहर दफना दिया। इस घटना से लोगों में गुस्सा है और वह बच्ची के माता-पिता को तलाशने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने घटना की जानकारी से इंकार किया है।