खेत पर जा रहे किसान को डरा धमकाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ने के नाम पर बीस हजार रुपये लेने वाले दरोगा पर आखिरकार गाज गिर गई है। डीजीपी स्तर से बैठी जांच के बाद एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है। इससे पहले एसएसपी ने पीड़ित किसान के शिकायती पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की थी।
मिली जानकारी के अनुसार करीब दो माह पहले गांव कुटवाया निवासी किसान भीमा ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर खेत पर जा रहा था। रास्ते में ककोड़ थाने में तैनात दरोगा सुरेश कुमार मिल गया। दरोगा ने किसान पर आरोप लगाया कि वह ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत लेने के लिए जा रहा है।
दरोगा ने ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर कार्रवाई करने का दबाव बनाया। ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ने की एवज में किसान से 20 हजार रुपये मांगे। रुपये न देने पर कार्रवाई की धमकी दी। किसान ने डरकर दरोगा सुरेश कुमार को 20 हजार रुपये दे दिए।
रुपये देने के बाद पीड़ित किसान ने एसएसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन एसएसपी ने शिकायती पत्र पर कोई संज्ञान नहीं लिया। किसान लखनऊ पहुंचकर डीजीपी के समक्ष पेश हो गया और आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
डीजीपी ने सीओ सिकंदराबाद को मामले की जांच सौंपी। सीओ ने जांच कर एसएसपी को रिपोर्ट दी तो दरोगा को दोषी पाया। जिसके बाद एसएसपी सोनिया सिंह ने कार्रवाई करते हुए दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि दरोगा सुरेश कुमार को कई अन्य कारणों के चलते लाइन हाजिर किया गया है।