लूट का शिकार और कर्ज में डूबे एक किसान परिवार को प्रदेश के मुखिया ने योजनाओं के तहत आर्थिक मदद और आवास देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिलाधिकारी कार्यालय हरकत में आ गया। आनन-फानन में पीड़ित परिवार से संपर्क साधा गया और उससे पूरा ब्योरा तलब किया गया। पीड़ित की मदद के लिए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
औंरगाबाद कस्बा निवासी प्रीति वर्मा पत्नी आदेश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया गया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं और पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजर रह है। पीड़ित ने बताया कि उसके ससुर के उपचार में काफी पैसा लगने के कारण बैंक से 10 लाख का लोन लेकर खेती की गई।
प्रीती ने बताया कि 29 अक्तूबर 2013 को उसका देवर दिल्ली की मंडी में धान बेचकर 12 लाख रुपये ला रहा था। बुलंदशहर में बदमाशों ने उसे गोली मारकर घायल कर दिया और पैसे लूट लिए। पुलिस घटना का खुलासा तो नहीं कर सकी, लेकिन 17 फरवरी 2014 को पुलिस ने उन्हें 1.84 लाख रुपये देकर आश्वासन दिया कि लूट की बाकी रकम भी जल्द दे दी जाएगी।
पुलिस ने आज तक उन्हें कोई पैसा नहीं दिया, न ही लूट का खुलासा किया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को देख उसके पति ने खुदकुशी की कोशिश की, जैसे-तैसे उन्हें बचाया गया। अब स्थिति ये है कि परिवार के पास खाने तक को पैसा नहीं है।
प्रीति ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि यदि उनकी मदद नहीं की गई, तो पूरा परिवार मुख्यमंत्री आवास के बाहर जहर खाकर जान दे देगा। पीड़ित के पत्र के बाद मुख्यमंत्री ने परिवार को लखनऊ बुलाया। अनूपशहर विधानसभा प्रत्याशी और पूर्व जिलाध्यक्ष हिमायत अली परिवार को लेकर लखनऊ पहुंचे।
उन्होंने परिवार की मुलाकात मुख्यमंत्री से कराई। मुख्यमंत्री ने परिवार का पूरा दर्द सुनने के बाद उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत मदद का आश्वासन दिया। इसके साथ ही सरकारी योजना के तहत आवास देने का भी आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद पीड़ित परिवार से संपर्क साधा गया है। पीड़ित परिवार को समाजवादी पेंशन योजना, पारिवारिक लाभ योजना समेत कई योजनाओं के तहत सहायता प्रदान की जाएगी। - आंजनेय कुमार, जिलाधिकारी