पावर कारपोरेशन की बदइंतजामी से छात्रा चांदनी की जिंदगी में अंधेरा पसर गया है। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलसी छात्रा की जिंदगी बचाने के लिए डॉक्टरों को हाथ काटना पड़ा। पावर कारपोरेशन अधिकारी सच सामने आने के बाद भी अंजान बने हुए हैं। अफसरों ने पीड़ित परिवार की मदद की गुहार को भी अनसुना कर दिया है।
नगर के यदुविहार बीसा कालोनी निवासी अलाउद्दीन की बेटी चांदनी 20 अप्रैल को छत पर खेल रही थी। छत से एक फीट की दूरी पर हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। खेलते समय चांदनी का हाथ अचानक एचटी लाइन की चपेट में आ गया था।
आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल में ले गए, जहां से चांदनी को दिल्ली रेफर किया गया था। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान जब चांदनी के हाथ में संक्रमण नहीं रुका तो डॉक्टरों की टीम ने उसका हाथ काट दिया।
चांदनी का अभी भी सफदरजंग अस्पताल मेें उपचार किया जा रहा है। हाल ही में चांदनी ने यूपी बोर्ड से कक्षा-10 की परीक्षा दी है। एक हाथ गंवाने के बाद चांदनी की जिंदगी में अंधेरा पसर गया है।
परिजनों का आरोप है कि हादसे की सूचना के बाद एक्सईएन पावर उनके पास आए थे और एचटी लाइन का शिफ्ट करने का आश्वासन देकर गए थे लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। परिजनों की आर्थिक मदद संबंधी मांग को भी पावर अफसरों ने अनसुना कर दिया है।