तीन सिपाहियों पर गोलियां चलाने के बाद संतरी सौरभ त्यागी के पास 46 गोलियां थीं। डीएम-एसएसपी समेत पुलिस कर्मियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी की नहीं सुन रहा था। वारदात कर पेड़ के नीचे दुबके सौरभ ने फोन पर घर वालों से बात की और इस दौरान वह यहां अफसरों की भी सुनता रहा।
जब भी कोई अधिकारी उसकी ओर कदम बढ़ाता तो वह खुद पर रायफल तानकर पीछे जाने का मजबूर कर देता है। उसने तीन बार अपनी ठोढ़ी पर रायफल लगाकर हटाई और चौथी बार में खुद को गोली से उड़ा लिया। उससे करीब 70 मीटर की दूरी पर डीएम, एसएसपी, एसपी सिटी समेत करीब 20 से 25 पुलिसकर्मी मौजूद थे और दूसरी करीब 250 मीटर की दूरी पर लोगों का हुजूम लगा था।
पेड़ और पुलिस लाइन की बाउंड़ी के बीच दुबका सौरभ बार-बार पीछे इस दौरान उसने अपने घरवालों को फोन लगाया और पिता, पत्नी और भाई से 17 मिनट तक बात की। वहीं इसी टाइम एसएसपी और एसपी सिटी भी उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे और हथियार डालने को कह रहे थे।
एक अधिकारी ने कहा कि बेटा सौरभ हथियार रख दो, लेकिन उसने नहीं सुनी और वह अपने कृत्य को रोना-रोता रहा। घरवालों से भी रोते हुए बात की। एक इंस्पेक्टर ने सौरभ की ओर कदम बढ़ाए तो उसने अपनी ठोढ़ी पर रायफल लगा और उसने ऐसा तीन बार किया। इस पर इंस्पेक्टर वापस हुआ। तभी सौंरभ ने चौथी बार में खुद को गोली मार ली।
मेरे मरने के बाद जहर खाकर सो जाना’
बुलंदशहर(ब्यूरो)। पुलिस लाइन में एक की हत्या और दो को मौत के मुहाने तक पहुंचाने के बाद सौरभ ने मरने से पहले अपनी मां को फोन मिलाकर वाकया सुनाया तो वह दंग रह गई। मां ने जब सौरभ को पत्नी-बच्चों का वास्ता दिया तो झल्लाकर मां से बोला कि मेरे मरने के बाद उन्हें जहर दे देना और खुद भी जहर खाकर सो जाना। इसके बाद उसने पत्नी और पिता से बात की और फिर जबड़े के नीचे रायफल की नाल सटाकर गोली चला दी।
उसने पहले गणना मुंशी मनोज यादव को गोली मारी। इसके बाद चंदरपाल और मनवीर को भी गोली मारकर घायल कर दिया। खुद पुलिस लाइन के ग्राउंड में गेस्ट हाउस के पास बाउंड्र्री वॉल के पास खड़े पेड़ के नीचे बैठ गया। हाथ में राइफल और 50 कारतूस लिए सौरभ जोर-जोर से रोने लगा।
उसने जेब से मोबाइल निकालकर अपने घर मुजफ्फरनगर कॉल की। मां ने फोन उठाया तो सौरभ ने कहा कि मां मैंने दो लोगों की हत्या कर दी है। अब मैं भी मरने वाला हूं। यह सुनकर सौरभ की मां चौंक गई। उसने फौरन ही सौरभ को पत्नी और बच्चों का वास्ता दिया। सौरभ ने अपनी मां से कहा कि उन्हें जहर देकर सुला देना और खुद भी जहर खाकर सो जाना।
फौरन ही मां ने मोबाइल सौरभ की पत्नी को दे दिया। पत्नी ने सौरभ को काफी समझाया, लेकिन उसने अपने इरादों से हटने से इंकार कर दिया। इसके बाद पिता मुनेश त्यागी ने सौरभ को समझाने की कोशिश की और कहा कि सौरभ तूने सब बर्बाद कर दिया।
छह माह से नहीं मिला था अवकाश
मुजफ्फरनगर(ब्यूरो)। बुलंदशहर पुलिस लाइन में गोलियां बरसाकर दो सिपाहियों की हत्या कर खुदकुशी करने वाला सिपाही सौरभ त्यागी छह माह से घर नहीं आया था। वह इसको लेकर तनाव में था। वारदात से कुछ देर पहले सौरभ ने अपनी पत्नी शालिनी को फोन कर बताया था कि उसे छुट्टी मिल गई है और वह मंगलवार को घर आएगा।
सौरभ तो नहीं आया, लेकिन मंगलवार को उसकी लाश यहां पहुंची। घटना कैसे और क्यों घटी, परिजनों को भी आभास नहीं है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सौरभ के परिवार की माली हालत अच्छी नहीं है। पैतृक गांव कुतुबपुर में थोड़ी खेतीबाड़ी भी है। सौरभ की मां सुनीता गांव में आंगनबाड़ी कर्मी है, जो रोज ड्यूटी के लिए शहर से गांव आती-जाती है। छोटा भाई विवेक अविवाहित है। पहले प्राइवेट मेडिकल कंपनी में नौकरी करता था और फिलहाल दिल्ली में आप पार्टी में पदाधिकारी है।