योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद बुचड़खानों और मीट की अवैध दुकानों पर रोक लगी है। ऐसे में गोकशी और पशु कटान से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा है। वह चोरी छिपे गोकशी की घटनाओं को अंजाम देकर चुनौती देखे दिख रहे हैं। सीएम के कडे़ निर्देशों के बाद भी सुस्त-लापरवाह अफसरों के चलते गोकशी की घटना पर लगाम नहीं कस पा रही है।
खास बात है कि सपा सरकार के समय से गोकशों का नेटवर्क चल रहा है। जिसके चलते सुबह और रात के वक्त अरनिया क्षेत्र के कई गांवों में धड़ल्ले से गोकशी होती है। ग्रामीण बोले कि अब योगीराज में किसी हाल में गोकशी नहीं होने दी जाएगी। उन्होनें क्षेत्र में तेजतर्रार अफसरों को तैनात करने की मांग की है।
प्रदेश की कमान गोभक्त सीएम योगी आदित्यनाथ के आने के बाद भी प्रशासन गोकशी की घटनाओं पर लगाम कसने में नाकाम है। खास बात है कि सपा सरकार के समय गोकशों के नेटवर्क के चलते अरनिया क्षेत्र में धड़ल्ले से गोकशी की घटनाएं हो रही थीं। जिसमें कहीं ना कहीं कुछ प्रशासनिक मशीनरी भी शामिल थी।
अब योगी के कडे़ निर्देशों के बाद भी सुस्त-लापरवाह अफसर गोकशी की घटनाओं को रोक नहीं पा रहे है। ग्रामीण एकजुट होकर बोले कि योगी राज में अब गोकशी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सीएम से तेजतर्रार अफसरों को तैनात करने की अपील करते हुए गोकशों का नेटवर्क ध्वस्त करने की मांग की है।
गौरतलब है कि अरनिया क्षेत्र के बलराऊ, कमालपुर, लखनवाड़ा समेत कई गांवों में शाम ढलने और अल-सुबह धड़ल्ले से गोकशी की घटनाएं होती है।