आतिशबाजी से झुलसे किशोर की दो महीने के इलाज के बाद मौत के मामले में आरोपी अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था। सीएमओ ने मामले पर संज्ञान लेते हुए अस्पताल संचालक पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नरसेना क्षेत्र के गांव निदामपुर निवासी सुखवीर सिंह का 12 वर्षीय बेटा हितेश कुमार करीब ढाई माह पूर्व आतिशबाजी की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया था। हितेश का उपचार औरंगाबाद के जहांगीराबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा था। परिजनों ने बताया था कि इसी अस्पताल के डॉक्टर ने हितेश का दो बार ऑपरेशन किया गया।
दूसरे ऑपरेशन के बाद हितेश की हालत बिगड़ गई। मंगलवार शाम उसकी तबीयत खराब हुई तो परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
अब पता चला कि जिस अस्पताल में किशोर का ऑपरेशन किया गया, वह स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में ही नहीं है। अस्पताल को अवैध तरीके से चलाया जा रहा था। सीएमओ ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए एसीएमओ को जांच कर सात दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिस अस्पताल में बच्चे का ऑपरेशन किया गया, वह स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत ही नहीं है। अस्पताल का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा था। एसीएमओ को जांच कर सात दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आरोपी संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।-डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ