हाईवे पर हुई हैवानियत के आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सभी छह आरोपियों की पेशी की गई। कोर्ट ने सीबीआई की अर्जी को मंजूर करते हुए आरोपियों की न्यायिक हिरासत 20 सितंबर तक बढ़ा दी है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई 20 सितंबर को होगी।
गत 29 जुलाई को हाईवे पर हुई हैवानियत के आरोपियों की मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेशी होनी थी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए सभी आरोपियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश धुव्र कुमार तिवारी की कोर्ट में सीबीआई द्वारा सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ाने की अर्जी दी गई। सीबीआई की अर्जी पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत 20 सितंबर तक बढ़ा दी है।
इसके बाद मामले की अगली सुनवाई की जाएगी। गौरतलब है कि गत 29 जुलाई की रात को सिकंदराबाद-अलीगढ़ हाईवे पर बुलंदशहर देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव दोस्तपुर के पास एक कार में जा रहे परिवार को रोड होल्डअप कर मां-बेटी के साथ गैंगरेप किया गया था।
बुलंदशहर में हुई हैवानियत देशभर में चर्चा का विषय बन गई थी। मुख्यमंत्री ने आनन-फानन में एसएसपी, एसपी सिटी, कोतवाल समेत कुल 19 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए सीबीआई को निर्देश दिए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच पर रोक लगा दी थी।
फाती अभी भी फरार
पुलिस के अनुसार, हाईवे पर हुई हैवानियत को कुल सात बदमाशों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने सलीम, रईस समेत कुल छह आरोपियों को तो पकड़ लिया, लेकिन सातवां आरोपी फाती अभी भी फरार है। फाती की तलाश में पुलिस की टीम जुटी हुई हैं, लेकिन फाती का कोई सुराग अभी हाथ नहीं लगा है।