एजेंट के जरिए नौकरी के लिए टूरिस्ट वीजा पर भेजे गए युवक मलेशिया पुलिस की गिरफ्त में फंस गया है। टूरिस्ट वीजा खत्म होने पर विदेशी पुलिस ने यह कार्रवाई की है। युवक की मदद के लिए पीड़ित परिजन सांसद डॉ. भोला सिंह के साथ विदेश मंत्री से मिले। विदेश मंत्री ने जल्द ही समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
शिकारपुर के कुतुबपुर निवासी ओमप्रकाश तोमर का पुत्र अरुण (22) दिल्ली के एजेंट के माध्यम से 19 जुलाई 2014 को मलेशिया गया था। इस बीच उसकी परिजनों से मोबाइल पर बातचीत होती रहती थी। अरुण के पिता ने बताया कि उसकी अपनी मां से 7 मार्च को रात 9 बजे अंतिम बार बात हुई थीं।
8 मार्च को अरुण के भारतीय मूल के साथी नवदीप ने फोन कर बताया कि अरुण को मलेशिया पुलिस ने पकड़ लिया है। उसे छुड़ाने के लिए नवदीप ने अपने खाते में 85 हजार रुपये डालने की भी बात कही थी। लेकिन उन्होंने खाते में पैसे नहीं डाले। उधर, अरुण की मां योगेंद्री बेटे के पुलिस की गिरफ्त में होने की बात सुनकर परेशान है।
वह बेटे को मलेशिया पुलिस के चंगुल से छुड़ाने के लिए पूर्व प्रधान रविंद्र सिंह, वर्तमान प्रधान के भाई सतेंद्र सिंह के साथ सांसद डॉ. भोला सिंह से मिलीं। सांसद परिजनों के साथ विदेश मंत्री वीके सिंह से मिले और अरुण को भारत वापस लाने की गुहार लगाई। ओमप्रकाश ने बताया कि विदेश मंत्री ने उन्हें कार्यवाही का आश्वासन देकर जल्द ही अरुण को भारत वापस लाने का आश्वासन दिया है।