रेप पीड़िता पर तेजाब डालने के मामले की जांच में रेप पीड़िता, वादी और गवाहों के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार दोपहर पीड़िता का इलाज कर रहे डॉक्टर के बयान दर्ज किए। जल्द ही पुलिस पीड़िता के बयान दर्ज कर कोर्ट में बयान दर्ज कराएगी।
25 सितंबर की रात रेप पीड़िता पर तेजाब डालने के मामले की जांच कर रही पुलिस पीड़िता, वादी और गवाहों के बयानों में विरोधाभास से उलझन में पड़ गई है। बुधवार को पुलिस ने महिला के पति (वादी) को मौका-ए-वारदात पर ले जाकर वारदात का डेमो कराया। पुलिस ने पीड़ित द्वारा बताई कहानी के मुताबिक वादी को उसी पेड़ से रस्सी द्वारा बांधा।
जिसमें रस्सी छोटी पड़ गई। पुलिस ने जब गवाहों से पूछताछ की तो उनहोंने बताया कि वादी के पैर पेड़ से बंधे हुए थे। पुलिस के मुताबिक वादी ने पहले तीन जगह रस्सी से खुद को बंधा बताया था। जबकि अब वह दो जगह से खुद को बंधा बता रहा है। पुलिस के मुताबिक, वादी ने मौका-ए-वारदात पर नहीं बताया कि किसने तेजाब डाला और किसने नहीं।
यह बात वादी ने जिला अस्पताल पहुंचकर किसी परिचित से बात करने के बाद बताई। चौकी प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक ने बताया कि घटना के वक्त नामजद आरोपियों की मोबाइल लोकेशन नोएडा की आ रही है। आरोपी नोएडा सेक्टर-39 थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में बैठे दिखाई दे रहे हैं