आप नेता और कवि कुमार विश्वास के भाई डीएवी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विकास शर्मा एक छात्रा के एडमिशन के मामले में फंस गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने छात्रा को एमएससी में प्रवेश नहीं दिया। छात्रा ने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री को भेजी थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर डीएम ने जांच करवाई।
जांच अधिकारी ने प्रवेश प्रक्रिया नियमानुसार न करने की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। प्राचार्य के विरुद्ध कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी मेरठ को पत्र भेज दिया है। कस्बा स्याना के पुराना छत्ता पट्टी हरमान सिंह की रहने वाली छात्रा श्वेता त्यागी पुत्री रमेश त्यागी ने प्रधानमंत्री को शिकायत भेजी थी कि उसने वर्ष 2016-17 में एमएससी (गणित) विषय में प्रवेश हेतु आवेदन किया था।
दूसरी ओपन मेरिट में उनका नाम पांचवे नंबर था लेकिन प्राचार्य डॉ. विकास शर्मा ने एडमिशन नहीं दिया जबकि उससे कम प्रतिशत वाले प्रवेशार्थी, जिसका मेरिट में नाम काफी बाद में था, उसे एडमिशन दे दिया।
छात्रा श्वेता त्यागी की शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय से डीएम को जांच के लिए आदेश मिला था। जांच पूरी होने पर डीआईओएस ने डीएम को पत्र जारी किया है कि डीएवी में प्रवेश प्रक्रिया नियमानुसार नहीं की गई है।
प्रवेश प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता नहीं बरती गई। रही जांच की बात तो पूरे जिले में किसी भी अधिकारी को कॉलेज में प्रवेश अथवा परीक्षा संबंधी और अन्य प्रकरण की जांच करने का अधिकार नहीं है। उनकी जांच करने का अधिकार क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को भी नहीं है। यह अधिकार मात्र सीसीएसयू के कुलपति को है। -डॉ. विकास शर्मा, डीएवी के प्राचार्य