सुनीता हत्याकांड: गुंजन ने गला दबाकर की थी हत्या, फिर जलाया
बुलंदशहर। डिबाई थाना क्षेत्र के गांव खरिकवारी में दिव्यांग युवती की गला दबाने के बाद जलाकर हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे बाद खुलासा कर दिया है। अपने साथ दिव्यांग युवती को लेकर गई पड़ोस में रहने वाली युवती ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी युवती को दबोच लिया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बता दें कि डिबाई के गांव खरिकवारी निवासी हरी सिंह मेहनत मजदूरी कर अपना व परिवार का पालन पोषण करता है। उसने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि रविवार सुबह करीब नौ बजे पड़ोस में रहने वाली युवती गुंजन उनके घर आई थी। गुंजन अपने साथ उनकी 22 वर्षीय दिव्यांग पुत्री को गोबर उठाने की बात कह कर ले गई थी। लेकिन, काफी देर तक नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। गुंजन के घर के दरवाजे की बाहर से कुंडी लगी हुई थी। इस दौरान किसी ने बताया कि गुंजन पैंठ वाले रास्ते पर दिखाई पड़ी थी। जिसके बाद पीड़ित परिजनों ने पैंठ वाले रास्ते से गुंजन को पकड़ कर पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कुबूल कर ली। पुलिस पूछताछ में आरोपी गुंजन ने बताया था कि उसने आनंद व देवेंद्र के साथ मिलकर सुनीता की हत्या की और पहचान छिपाने के लिए शव को जला दिया था। वहीं, सोमवार को पीड़ित परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया। डिबाई क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़ित परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी युवती गुंजन, आनंद पुत्र सत्यप्रकाश निवासी खरिकवारी व देवेंद्र पुत्र गजराज सिंह निवासी पोखरपुर थाना डिबाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी युवती गुंजन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जबकि, फरार दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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प्यार को परवान चढ़ाने के खातिर दिव्यांग को बनाया ‘शिकार’
बुलंदशहर। वो मासूम थी, दिमागी दिव्यांग भी थी। उसकी इसी कमजोरी का फायदा उठाकर आरोपी गुंजन ने योजना तैयार की थी। पहले नशीला पदार्थ चाय में घोला और सुनीता को पिला कर बेहोश किया, फिर गला दबाया और पहचान छिपाने को मिट्टी का तेल उड़ेलकर शव जला दिया। जिससे कि परिजन व ग्रामीण सुनीता के शव को उसका शव समझें और वह खुद अपने प्रेमी के साथ कहीं ऐशो आराम की जिंदगी व्यतीत करे। पूरी वारदात रोंगटे खड़े कर देने वाली है।
बता दें कि डिबाई के गांव खरिकवारी निवासी सुनीता की हत्या का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ने गुंजन को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इस दौरान गुंजन ने जो पुलिस को बताया उससे हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। प्यार को परवान चढ़ाने के लिए गुंजन ने बहुत ही वीभत्स तरीका अपनाया था। पूछताछ में सामने आया है कि गुंजन का एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह उसके साथ जीने मरने की कसमें खा चुकी थी, साथ ही उसके साथ परिजनों की बिना मर्जी के शादी कर अपना घर कहीं दूर बसाना चाहती थी। इसलिए उसने दिव्यांग सुनीता को अपना मोहरा बनाया। आरोपी ने बताया कि उसने पहले घर बुलाकर चाय में नशीला पदार्थ मिला कर सुनीता को बेहोश किया था, इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए उस पर मिट्टी का तेल उड़ेल कर आग लगा दी। पूछताछ में सामने आया है कि उसने सुनीता को अपने घर इसलिए बुला कर मारा था जिससे कि सुनीता की हत्या के बाद वह घर से अपने प्रेमी के साथ भाग निकले और उसके परिजन उसे मरा हुआ समझ लें। लेकिन, उसकी यह योजना विफल हो गई।