मिट्टी का तेल छिड़क मां, दुधमुंहे बच्चे को जलाने की कोशिश
दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने विवाहिता और उसके दुधमुंहे बच्चे के ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क जलाने की कोशिश की। चीख सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने किसी तरह उन्हें बचाया। किसी तरह जान बचाकर पीड़िता बच्चे को लेकर पुलिस चौकी पहुंच गई। सूचना पर पहुंचे मायके पक्ष के लोग विवाहिता और उसके बच्चे को अपने साथ लेकर आ गए। बृहस्पतिवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पीड़िता ने आरोपी ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव रामगढ़ निवासी शशिबाला पुत्री नैपाल सिंह की शादी लोनी बार्डर गाजियाबाद में हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले पांच लाख नकद और कार की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने ससुराल वाले शशिबाला से मारपीट करने लगे। आरोप है कि 23 अक्तूबर 2016 को ससुराल वालों ने मिलकर उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और तकिया मुंह पर रखकर जान से मारने की कोशिश की। इसके बाद सूचना पर मायके के लोग पहुंचे और शशिबाला को अपने साथ ले आए। 10 अप्रैल को मायके में शशिबाला को बेटा पैदा हुआ। जानकारी होने पर ससुराल वाले आए और शशिबाला को अपने साथ ले गए। करीब 15 दिन रखने के बाद उसे मायके छोड़ दिया। आरोप है कि 3 सितंबर को ससुराल वाले फिर से शशिबाला को लेकर गए। इसके बाद दूसरे दिन 4 सितंबर को पति समेत ससुराल के लोगों ने मिलकर शशिबाला के साथ मारपीट कर उस और उसके बच्चे के ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर जलाने का प्रयास किया। आरोप है कि ससुराल वाले जैसे ही माचिस की तीली जलाने की कोशिश की शशिबाला चीख पड़ी। चीख पुकार सुनकर आस पड़ोस के लोग पहुंच गए। पड़ोसियों ने किसी तरह जान बचाई। इसके बाद डर के मारे शशिबाला बच्चे को लेकर पुलिस चौकी आ गई। सूचना पर पहुंचे मायके वालों ने उसे अपने साथ लेकर मायके आ गए। बृहस्पतिवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पीड़िता ने एसएसपी से ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।