गोवंश आश्रय स्थल पर बांस से बनेगी चारदीवारी
बुलंदशहर। जिले में संचालित निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों पर गायों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जाएंगे। यहां पर बांस से चारदीवारी बनाई जाएगी। प्रथम चरण में सबसे पहले अधिक गोवंश वाले स्थलों पर यह व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद दूसरे आश्रय स्थलाें पर यह काम पूरा किया जाएगा।
जिले में 154 निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां पर 15 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनमें रह रहे गोवंश के लिए चारे-पानी की व्यवस्था के लिए शासन की ओर से समय-समय पर राशि जारी की जाती है। वहीं, दूसरी ओर शासन के निर्देश पर बनाए गए अधिकतर आश्रय स्थलों पर जरूरी सुविधाएं नहीं हैं, तो साथ ही चहारदीवारी तक भी नहीं है। यहां पर समय-समय पर अव्यवस्थाओं की भी पोल खुलती रही है। साथ ही बीमारी या किसी कारण से मृत गोवंश को कुत्तों आदि द्वारा नोंचे जाने के मामले भी सामने आते रहे हैं। इन सभी समस्याओं को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए आश्रम स्थल पर बांस की मदद से चहारदीवारी बनाने का निर्णय लिया है। साथ ही आश्रय स्थल पर एक डिस्पेंसरी भी बनेगी। अफसरों का कहना है कि समय-समय पर पशु चिकित्सक आश्रय स्थल पहुंचकर गोवंश की जांच आदि करते हैं। साथ ही बीमार होने वाले गोवंश का उपचार किया जाता है। रात के समय यदि कोई गोवंश बीमार होता है या फिर किसी कारण घायल हो जाता है, तो उसके लिए आश्रय स्थल पर डिस्पेंसरी बनाई जाएगी। ताकि समय रहते उनका उपचार शुरू हो सके।
निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल पर बांस की चहारदीवारी बनने से गोवंश को सुरक्षित किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है और जल्द ही इस कार्य की शुरूआत करवा दी जाएगी। आश्रय स्थल पर डिस्पेंसरी बनाने के लिए भी जल्द रणनीति बना ली जाएगी।
- डॉ. अनिल कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी