बुलंदशहर। सर्दी का असर जैसे बढ़ रहा है, वैसे ही खांसी-जुकाम की समस्या बढ़ रही है। पिछले माह मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में कफ सीरप पीने से कई बच्चों की मौत हो जाने पर अब सरकारी चिकित्सालयों में पांच साल तक के बच्चों को खांसी का सीरप न देने या न लिखने के निर्देश दिए गए हैं। मिशन निदेशक के आदेश पर सीएमओ ने सभी चिकित्सा प्रभारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में आजकल प्रतिदिन खांसी से पीड़ित 200 से अधिक मरीज सरकारी चिकित्सालयों में उपचार कराने पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक रहती है। मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने पांच साल तक के बच्चों को खांसी का सीरप न लिखने और न देने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन कराने के लिए तीन नवंबर को सीएमओ को पत्र भेजा है। सीएमओ सुनील कुमार दोहरे ने बताया कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी की समस्या होने पर टेबलेट या अन्य दवा दी जाएगी। कफ सीरप न लिखा जाएगा और न ही वितरित किया जाएगा। संवाद