पॉटरी उद्योग के 25 करोड़ के कारोबार पर संकट
खुर्जा। कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन को लेकर क्रिसमस और नववर्ष पर विदेशों में होने वाले क्रॉकरी के कारोबार को लेकर उद्यमी चिंतित हैं। उन्हें कारोबार में ऑर्डर हाथ से फिसलने के डर सताने लगा है। ऐसे में पॉटरी उद्योग का तकरीबन 20 से 25 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
खुर्जा पॉटरी उद्योग में वर्तमान में 330 इकाइयां चल रही हैं, जिसमें से 40 इकाइयों का सामान विदेशों में सप्लाई होता है। दिसंबर और जनवरी माह पॉटरी उद्योग के लिए काफी अहम होते हैं। यूरोपियन और एशियन देशों में क्रिसमस और नववर्ष पर विशेष आयोजन होते हैं, जिसमें मेले भी लगते हैं। इनमें खुर्जा की क्रॉकरी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। जिसके चलते विगत कई सालों से खुर्जा के उद्यमियों को त्योहारी सीजन पर विदेशों से अच्छे-खासे ऑर्डर प्राप्त होते हैं, लेकिन इस बार क्रिसमस और नववर्ष से एक महीने पहले कोरोना के नए स्वरूप के आने से उद्यमियों को विदेशों से मिलने वाले करोड़ों के ऑर्डर को लेकर चिंता का सबब बना हुआ है।
पॉटरी उद्यमी दर्शन छत्रवाल ने बताया कि उनकी क्रॉकरी का सामान अमेरिका, फ्रांस, इटली, जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन और दक्षिणी अमेरिकी देशों में जाता है। त्योहारी सीजन होने के कारण क्रिसमस और नववर्ष पर ऑर्डर पूरे साल की सापेक्ष चार से पांच गुना बढ़ जाते हैं। विशेष तौर से यूरोपियन देशों में इन दिनों ज्यादा ऑर्डर आते हैं, जो उद्यमियों को दिसंबर माह में ही भेजने पड़ते हैं। इसी तरह अन्य इकाइयों से भी माल भेजे जाते हैं।
कुल इकाइयां- 330
छोटी इकाइयां- 150
बड़ी इकाइयां- 180
विदेश निर्यात करने वाली - 40
अभी से सप्लाई भेजने की तैयारी
कोरोना के नए स्वरूप को देखते हुए क्रिसमस और नववर्ष को लेकर सप्लाई अभी से शुरू कर दी गई है। एशिया और यूरोप के देशों में माल भेजा जा रहा है। वहीं कारोबारियों से भी बात की जा रही है कि जल्द से जल्द ऑर्डर भेजे जा सकें। फिलहाल आर्डरों पर कोई रोक नहीं है।
- दर्शन छत्रवाल, उद्यमी
दिसंबर में अधिक आते हैं ऑर्डर
पिछले 20 माह का नुकसान अभी तक पूरा नहीं हो पा रहा है। कई फैक्ट्रियां अभी तक बंद पड़ी हैं। नवंबर से जनवरी तक पॉटरी उद्योग के लिए खास सीजन होता है, जिसमें ऑर्डर अधिक आते हैं। यदि लॉकडाउन लगता है तो काफी नुकसान झेलना पड़ेगा।
- रवि राणा, अध्यक्ष, खुर्जा पॉटरी एसोसिएशन
संक्रमण बढ़ने पर लग सकती हैं पाबंदियां
कोरोना के नए स्वरूप को लेकर उद्यमी काफी परेशान हैं। अभी तक तो सामान भेजा जा रहा है, लेकिन केस बढ़ने की सूरत में पाबंदियां लग सकती हैं। इससे विदेशों के साथ-साथ देश में होने वाला कारोबार भी प्रभावित हो सकता है। छोटे-छोटे बाजारों में ऑर्डर कम होने शुरू हो गए हैं।
- निखिल पोद्दार, पूर्व सचिव, केपीए