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कोरोना से जंग जीतने के बाद किया प्लाज्मा दान

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कोरोना से जंग जीतने के बाद किया प्लाज्मा दान
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बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों की जहां मौत हो रही थी, वहीं, संक्रमितों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग के पास संक्रमितों को दूसरों से दूर रखने के अलावा अन्य कोई इलाज नहीं था। बाद में पता चला कि कोरोना संक्रमण आने के बाद स्वस्थ हो चुके कोरोना संक्रमितों का प्लाज्मा गंभीर संक्रमण से जूझ रहे लोगों के लिए संजीवनी का काम करेगा। जानकारी मिलने पर राष्ट्र चेतना मिशन के कार्यकर्ताओं ने ठीक हो चुके संक्रमिताें को खोजना शुरू कर दिया और प्लाज्मा डोनेट करने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद जनपद के काफी संख्या में लोगों ने बिना किसी संकोच के दूसरों को संक्रमण से बचाने के लिए दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा आदि जगह जाकर प्लाज्मा डोनेट किया। जिन लोगों को इन लोगों का प्लाज्मा चढ़ाया गया कोई प्रत्यक्ष संबंध न होने के बावजूद समय-समय पर एक-दूसरे का हाल-चाल पूछते रहते हैं। राष्ट्र चेतना मिशन के अध्यक्ष हेमंत सिंह ने बताया कि जनपद के करीब 30 लोगों ने अन्य लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए प्लाज्मा डोनेट किया।
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प्लाज्मा डोनेट कर दो लोगों को बचाया
नगर के आनंद विहार निवासी मोहित बंसल व्यापारी हैं और कोरोना संक्रमित आने के बाद ठीक होने पर घर लौटे। बताया कि जब सामान्य हुए तो अन्य लोगों को संक्रमण से बचाने की योजना बनाई। पता चला कि गंभीर संक्रमण से जूझ रहे लोगों को प्लाज्मा दान कर बचाया जा सकता है। फिर क्या था उन्होंने ठान लिया कि वे भी प्लाज्मा दान करेंगे। एक बार प्लाज्मा डोनेट करने का फायदा दो लोगों को मिला।
संक्रमण के दौरान प्लाज्मा डोनेट करने का लिया प्रण
नगर के शिवपुरी निवासी व्यापारी रविंद्र गोयल को जब कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। तो स्वास्थ्य विभाग समेत प्रशासनिक अफसर संक्रमण से और लोगों को बचाने की योजना बना रहे थे। उपचार के दौरान प्लाज्मा डोनेट से गंभीर संक्रमित लोगों को बचाने का पता चला। बताया कि कोरोना संक्रमण से गंभीर लोगों को किसी स्वस्थ व्यक्ति का प्लाज्मा डोनेट कर बचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से अंजान लोगों की जान बचाने को प्लाज्मा डोनेट किया।
जनपद में मिले सुविधा तो दानदाताओं की लग सकती है भीड़
नौकरी कर परिवार चलाने वाले खुर्जा निवासी चंदन राघव ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शुरू में न तो कोई दवा थी और न उपचार। ऐसे में प्लाज्मा डोनेट कर लोगों की जान बचाने की जानकारी मिली। बताया कि प्लाज्मा डोनेट करने के लिए जनपद के कई स्थानों पर गया लेकिन डोनेट करने की सुविधा न मिलने पर नोएडा जाकर प्लाज्मा डोनेट करना पड़ा। अगर जनपद में प्लाज्मा डोनेट करने की सुविधा मिले तो अन्य लोगों की जान बचाने को दानदाताओं की लंबी लिस्ट बन सकती है।
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मुश्किल वक्त में अंजान की जान बचाने को किया प्लाज्मा डोनेट
खुर्जा निवासी पंकज राघव ने बताया कि जब वह पॉजिटिव हुए तो घर के अन्य सदस्यों से खुद को अलग कर लिया। इस बीच मन में कई नकारात्मक बातें भी आईं। लेकिन हर बार हिम्मत ने साथ दिया। कोरोना को मात देने के बाद कोरोना महामारी से अंजान की जान बचाने को प्लाज्मा डोनेट किया।
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