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परिवार में अपनी पीढ़ी में इकलौते चिराग थे प्रशांत

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परिवार में अपनी पीढ़ी में इकलौते चिराग थे प्रशांत
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छतारी। परिवार में प्रशांत यादव इकलौते चिराग थे। दस वर्ष पूर्व उनके पिता रामचंद्र यादव की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वहीं बीमारी के चलते उनके चाचा भी आठ साल पूर्व चल बसे थे। ऐसे में चाचा के परिवार की भी जिम्मेदारी प्रशांत पर ही थी। उनकी मौत से पूरे परिवार का सहारा छिन गया।
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कस्बा के मोहल्ला जनकपुरी निवासी प्रशांत यादव की वर्तमान में तैनाती आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र में थी। उनके पिता रमेशचंद्र यादव के साले का कासगंज में ट्रांसपोर्ट का काम था। रमेश चंद्र वहीं रहकर ट्रांसपोर्ट का काम देखते थे। इसके कारण प्रशांत यादव की पढ़ाई- लिखाई अपने नाना के घर पर ही हुई थी। उनकी एक बहन अलका है। उनके चाचा जय सिंह की सिर्फ तीन बेटियां है। ऐसे में दोनों परिवारों के बीच में प्रशांत एकमात्र बेटे थे। करीब दस साल पूर्व हादसे में प्रशांत के पिता रमेश चंद्र की मौत हो गई थी। इसके बाद से प्रशांत यादव कासगंज छोड़कर छतारी स्थित अपने घर आ गए थे। करीब आठ वर्ष पूर्व बीमारी के चलते चाचा जय सिंह की भी मौत हो गई। ऐसे में दोनों परिवारों का एकमात्र सहारा प्रशांत यादव ही थे। प्रशांत ने अपने चाचा की दो बेटियों की शादी कर दी थी। अभी एक बेटी की शादी होनी है। करीब आठ वर्ष पूर्व प्रशांत की शादी खुर्जा के रेणु के साथ हुई थी। उनका ढाई साल का एक बेटा पार्थ है। आगरा में तैनाती के दौरान वह अपनी मां गायत्री और पत्नी-बच्चे के साथ वहीं पर रह रहे थे।
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