पावर कारपोरेशन के संविदाकर्मियों की हड़ताल से जिले की विद्युत सप्लाई चरमरा गई है। फाल्ट होने पर उपभोक्ताओं को पैसे का भुगतान कर मरम्मत करानी पड़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को हो रही है।
खास यह है कि फाल्ट और कट की समस्या से अफसर अंजान हैं। उनका तर्क है कि हड़ताल के चलते फाल्ट और कटों की भी सूचना नहीं मिल पा रही है। बता दें कि संविदा पर तैनात जिले भर के कर्मचारी वेतन समेत कई मांगाें को लेकर छह दिन से हड़ताल पर हैं।
बिजलीघरों पर संविदाकर्मियों के नहीं होने से फाल्ट ठीक नहीं हो रहे हैं और कटों की भी संख्या बढ़ गई है। ऐसे में लोगों को फाल्ट ठीक करवाने के लिए उपभोक्तओं को जेब ढीली करनी पड़ रही है। आलम यह है कि कट के चलते घंटों बिजली गायब रह रही है। इसके चलते किसान फसलों को पानी नहीं दे पा रहे।
अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा का कहना है कि विद्युत सप्लाई को सुचारु करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संविदाकर्मियों से हड़ताल खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है।
छठवें दिन भी हड़ताल जारी
वेतन समेत कई मांगों को लेकर पावर कारपोरेशन के संविदाकर्मी सोमवार को भी हड़ताल पर रहे। निगम के अफसर आंदोलनरत कर्मियों से समझौते के प्रयास में है लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है। कर्मचारियों ने मांग पूरी होने के बाद ही हड़ताल समाप्त करने की चेतावनी दी है।
बता दें कि पिछले छह दिन से पावर कारपोरशन के संविदा कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सोमवार को धरना देकर कर्मियों ने अफसरों से उनकी मांग पूरी करने को लेकर नारेबाजी की। आंदोलनरत कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें झूठा आवश्वासन देकर हड़ताल खत्म करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस मौके पर दीपक कुमार, प्रेम चंद, राकेश कुमार, जयशंकर, रमेश, अनिल शर्मा आदि रहे।