कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद एसडीएम को ज्ञापन साैंपते कांग्रेस कार्यकर्ता। स्रोत: संगठन
बुलंदशहर। वाराणसी में ऐतिहासिक धरोहर मणिकर्णिका घाट और माता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा तोड़ने और प्रयागराज में शंकराचार्य के अपमान को लेकर कांग्रेसियों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर उन्होंने राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा 10 जनवरी को वाराणसी स्थित ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट को अचानक ध्वस्त कर दिया गया। यह घाट वर्ष 1791 में माता अहिल्याबाई होलकर द्वारा जीर्णोद्धार कराया गया और उनका इससे गहरा ऐतिहासिक व सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है।
कहा कि बनारस में ध्वस्तीकरण के बाद माता अहिल्याबाई होलकर की पवित्र और ऐतिहासिक मूर्तियां मलबे में दबी पड़ी हैं, जो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर आघात है। इस कार्रवाई के विरोध में अहिल्याबाई होलकर चैरिटिज ट्रस्ट, इंदौर द्वारा भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन इस गंभीर विषय पर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ पुलिस द्वारा की गई अभद्रता और उनके अनुयायियों पर लाठीचार्ज की कार्रवाई शर्मनाक है। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष सुभाष गांधी, मनोज शर्मा, साजिद चौधरी, नईम मंसूरी, मुनीर अकबर, देशदीपक भारद्वाज और सचिन पंडित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।