खुर्जा। नगर पालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के लाखों रुपये के जीपीएफ (जनरल प्रोविडेंट फंड) गबन के मामले में मेरठ आयुक्त ने अपर आयुक्त को जांच के आदेश दिए हैं। अपर आयुक्त ने नगर पालिका अधिकारियों को तत्काल जांच करने और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष अरुण चौटाला ने बताया कि नगर पालिका परिषद खुर्जा में करीब 300 से अधिक सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। सफाई कर्मचारियों का प्रत्येक माह निर्धारित वेतन मिलता है, साथ ही मानक के अनुसार चार से साढ़े चार हजार रुपये जीपीएफ खाते में जमा होता है। नगर पालिका की ओर से दिसंबर 2021 से जून 2022 तक सात माह की धनराशि वेतन से काटी गई लेकिन जीपीएफ खाते में जमा नहीं की गई। इस हिसाब से एक कर्मचारी के लगभग 30 से 35 हजार रुपये फंड का गबन कर लिया गया। इस संबंध में कई बार ईओ और एसडीएम से शिकायत की गई मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसके बाद 12 जुलाई को इस संबंध में मेरठ आयुक्त को शिकायत कर मामले की जांच और कर्मचारियों का फंड खाते में जमा करवाने की मांग की गई। इस संबंध में अपर आयुक्त शमशाद हुसैन ने तत्काल ईओ खुर्जा को जांच के आदेश दिए। एसडीएम खुर्जा और कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी दुर्गेश सिंह ने बताया कि मामले में स्टाफ के साथ वार्ता की गई थी। इस संबंध में जिन कर्मचारियों का फंड वेतन से कटा है, उसकी जांच की जा रही है। जिनका जीपीएफ कटा होगा, उनको जरूर मिलेगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है।