जिलेभर में बिजली कटौती से हाहाकार मचा हुआ है। जिला मुख्यालय समेत कस्बों, तहसीलों और गांवों में बिजली कटौती से बुरा हाल है। वहीं लोगों ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा करने वाले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बिजली कटौती से निजात देने की मांग की। बिजली कटौती के कारण पेयजल संकट भी काफी बढ़ गया है।
जिला मुख्यालय समेत सिकंदराबाद, खुर्जा, जहांगीराबाद, डिबाई, पहासू, शिकारपुर, स्याना, औरंगाबाद, अनूपशहर, गुलावठी आदि क्षेत्रों में बिजली कटौती का बुरा आलम है। बिजली कटौती के चलते लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। यहां तक कि बिजली कटौती के कारण पेयजल संकट भी गहरा गया है।
यदि जिला मुख्यालय की बात छोड़ दें तो जिलेभर में पेयजल आपूर्ति बदतर अवस्था में है। यह हाल तब है, जब एक दिन बाद पाक रमजान माह शुरू होने वाला है। अफसर लखनऊ कंट्रोल रूम से कटौती की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
अफसरों की उदासीनता के कारण बिजली और पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं, भीषण गर्मी में अंधाधुंध बिजली कटौती से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। काली नदी पुल पर एकत्र होकर लोगों ने पावर कारपोरेशन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि बिजली न आने से लोगों की तबीयत खराब हो रही है।
विभाग के अधिकारियों का आश्वासन मिलने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। धमैड़ा अड्डा निवासी सोनू, पवन, राकेश, सुरेश, पंकज, रोहित, अशोक, रामकेस, हरीदास, ओंकार, सिराज, हसीन, कलीमुद्दीन, शैफुद्दीन, इमरान, फैजुल, समीना, संतो, बल्लो, मूबीना, रामकली, सुदेश, सुमन मौजूद रहे। विभाग के अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।