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Bulandshahar News: खुर्जा जंक्शन पर कैंटीन संचालक की ट्रेन से कटकर मौत, हत्या का आरोप

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खुर्जा जंक्शन। रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार रात को रात में एक कैंटीन संचालक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। मृतक के भाई ने जीआरपी कर्मचारियों पर मारपीट करने, प्रताड़ित करते हुए हत्या करने का आरोप लगाया है। यह घटना जीआरपी चौकी के सामने हुई। इस मामले में जीआरपी इटावा क्षेत्राधिकारी ने चौकी प्रभारी अरविंद चौधरी और दो सिपाही सुनील और सचिन को निलंबित कर दिया है। जीआरपी इस घटना को आत्महत्या बता रही है।
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मूलरूप से कानपुर जिले के सार थाना क्षेत्र स्थित तेलियाबर निवासी सुरेश ने बताया कि उनके मामा के बेटे अमरदीप (26) की खुर्जा जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर तीन व चार पर कैंटीन है। इस कैंटनी पर उनका छोटा भाई हिमांशु, चाचा विजय और सुरेश वेंडर के तौर पर काम करते हैं। सुरेश ने बताया कि बृहस्पतिवार रात को लगभग 11 बजे जीआरपी कर्मचारियों ने एक भिखारी को उनकी कैंटीन पर पानी की बोतल लेने के लिए भेजा था।
बताया कि जीआरपी कर्मचारियों ने पानी की दो बोतलें मंगवाईं थीं, भिखारी तीन मांगने लगा। इस बात पर हिमांशु और उस भिखारी के बीच बहस हो गई। हिमांशु ने भिखारी को एक थप्पड़ मार दिया। भिखारी ने यह बात जीआरपी कर्मचारियों को बताई। इसके बाद जीआरपी के दो सिपाही कैंटीन पर पहुंचे और हिमांशु, विजय और सुरेश के साथ मारपीट की। इसके बाद तीनों को चौकी पर लेकर आ गए और उन्हें बंद कर दिया।
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घटना की जानकारी होने पर अमरदीप भी जीआरपी चौकी पहुंच गए। आरोप है कि वहां पर कर्मचारियों ने अमरदीप को गाली दी और मारपीट भी की। कैंटीन बंद कराने की धमकी दी। इसके बाद एक जीआरपी कर्मचारी अमरदीप को बाहर लेकर आया। सुरेश ने आरोप लगाया कि जीआरपी कर्मचारी ने रेलवे ट्रैक पर उसके भाई को धक्का दे दिया और उनकी हत्या कर दी।

प्लेटफॉर्म नंबर चार 12ः42 पर हुई घटना
एक सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है, जो इस घटना से संबंधित बताया जा रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। घटना की सीसीटीवी फुटेज के अनुसार रात करीब 12 बजकर 42 मिनट पर प्लेटफॉर्म नंबर चार की तरफ गोरखपुर जाने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस जा रही थी, उसी दौरान अमरदीप जीआरपी कर्मचारी से बात करते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच जाता है। उसको बचाने के लिए पीछे-पीछे सिपाही सुनील कुमार भी कूदता है। सुनील का पैर वहीं पत्थर पर फंस गया और वह दूर गिर गया। अमरदीप ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।
शोर सुनकर चौकी में से सभी कर्मचारी व अमरदीप के भाई बाहर आ गए। अमरदीप की मौत के बाद भाई बिलख-बिलखकर रोने लगे। उन्होंने जीआरपी कर्मचारियों पर हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद जीआरपी के कर्मचारियों ने अमरदीप का शव पोस्टमार्टम जांच के लिए अलीगढ़ भेज दिया। सुरेश का आरोप है कि किसी को सूचना नहीं दी जाए, इसके लिए जीआरपी ने सभी के फोन जब्त कर लिए थे और शव के साथ अलीगढ़ पहुंच गए और फिर वहां से वापस जंक्शन नहीं लौटे।
भिखारी से काम कराते हैं जीआरपी के कर्मचारी

स्टेशन पर कार्यरत वेंडर नितिन ने बताया कि उक्त भिखारी पहले स्टेशन पर ही प्लास्टिक उठाता था और भीख मांगकर पेट भरता था। धीरे-धीरे ट्रेन की चपेट में आने वाले मृतकों के शव को उठाने का कार्य करने लगा और जीआरपी के संपर्क में आ गया। इसलिए जीआरपी के कर्मचारी अक्सर उससे काम कराते रहते थे। उसकी एक बोतल के विवाद ने ऐसा रूप ले लिया कि एक नव युवक ने अपनी जान दे दी। घटना के बाद से आरोपी भिखारी जंक्शन से फरार है।
इस साल दिसंबर में होनी थी शादी, जीआरपी से था परेशान :-
मृतक अमरदीप के बुआ के बेटे सुरेश ने बताया कि परिवार के चारों लोग खुर्जा जंक्शन मार्ग पर पथवारी मंदिर के पास किराए पर रहते थे। अमरदीप की इस साल दिसंबर में शादी होने वाली और रिश्ता भी तय हो गया था, लेकिन बिक्री कम होने के कारण व्यापार ठप पड़ा था। अमरदीप इस बात से काफी अवसाद में रहता था। इसके अलावा रोजाना पुलिसकर्मी के लिए 10 से 15 पानी की बोतल मुफ्त में दी जाती थी। इससे भी आमदनी प्रभावित होती थी। किराए के मकान में चार लोगों के साथ रहना भी चुनौतीपूर्ण था। वहीं रात को जीआरपी की एकतरफा कार्रवाई से सभी लोग परेशान हो गए थे।
कोट :-
सीसीटीवी में फुटेज में स्पष्ट है कि अमरदीप ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर आत्महत्या की है। जीआरपी कर्मचारियों के सामने से रेलवे ट्रैक पर कूदने की लापरवाही को देखते हुए चौकी प्रभारी अरविंद चौधरी, सिपाही सुनील कुमार और सचिन को निलंबित किया गया है। अग्रिम विभागीय कार्रवाई की जा रही है। - उदय प्रताप सिंह, सीओ इटावा, जीआरपी
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