बुलंदशहर। जिले में उर्वरक से संबंधित घपले का एक और मामला सामने आया है। तीन गोदामों में रखे यूरिया, डीएपी और एनपीके के 693 कट्टे गायब मिले हैं। विभागीय जांच रिपोर्ट के अनुसार 39.91 लाख रुपये का गबन किया गया है। अधिकारियों ने इस मामले में शासन को रिपोर्ट भेजकर उच्चस्तरीय जांच कराने की संस्तुति की है।
मई में यूरिया की कालाबाजारी का मामला उजागर होने के बाद गोदामों में रखा स्टॉक सील कर दिया गया था। किसानों को नए स्टॉक से यूरिया, डीएपी और एनपीके का वितरण किया जा रहा था। शासन ने निर्देश दिए थे कि गोदामों में सील स्टॉक की जांच की जाए। पिछले दिनों जिलास्तरीय अधिकारियों ने नई मंडी, ज्वारखेड़ा, सिकंदराबाद और गुलावठी के गोदामों में जांच की।
जांच के दौरान ज्वारखेड़ा, सिकंदराबाद व गुलावठी के गोदामों से 329 यूरिया, 268 डीएपी और एनपीके के 96 कट्टे गायब मिले हैं। इसके अलावा नई मंडी के गोदाम से उन 1575 कट्टों के गायब होने की भी पुष्टि हुई है जो कालाबाजारी के लिए 10 मई 2026 को ट्रकों में लोड किए गए थे। जांच अधिकारियों ने शासन को भेजी रिपोर्ट में लिखा है कि गायब मिले कट्टों की कालाबाजारी की आशंका है। इनकी कीमत सब्सिडी समेत 39.91 लाख रुपये से अधिक बनती है। अधिकारियों ने इस प्रकरण में और बड़ी गड़बड़ी होने की आशंका जताते हुए जांच कराकर कार्रवाई करने की संस्तुति की है।
किसान नेता ने पूछा घोटाले का पैसा किसकी जेब में गया
भाकियू जिलाध्यक्ष अरब सिंह ने कहा कि यह आंकड़े सिर्फ कागजी खेल नहीं हैं। यह उस सिस्टम की हकीकत है, जिसमें गोदाम सील होने के बाद भी कट्टे गायब मिल रहे हैं। सवाल यह है कि जब स्टॉक सील था, तो जांच में कमी कैसे निकली। जब ट्रक पकड़े गए थे, तब भी गोदामों में खेल जारी था, तो फिर निगरानी कहां थी? किसान खाद के लिए लाइन में खड़ा है और उसके हक की खाद गायब हो रही है। भाकियू नेता ने कहा कि किसान जानना चाहता है कि उसकी खाद किसने बेची, किसके इशारे पर बेची और पैसा किसकी जेब में गया।
मई में खुला था यूरिया की कालाबाजारी का खेल
10 मई को जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने अनूपशहर गंगा पुल से यूरिया से लदे तीन ट्रक पकड़े थे। इनमें 1575 कट्टे भरे थे। यह यूरिया संभल, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा समेत कई जिलों में कालाबाजारी के लिए जा रहा था। जिलाधिकारी कुमार हर्ष के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने अनूपशहर थाने में पीसीएफ के जिला प्रबंधक दिव्यांशु वर्मा, भंडार नायक राघवेंद्र, हरेंद्र प्रताप सिंह व यश राघव के अलावा यूरिया तस्कर मोहम्मद हारुन समेत ट्रक चालक असलम, शेर अली और सौपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में इस मामले में दो ट्रक मालिकों को भी नामजद किया गया था।
जिला प्रबंधक पीसीएफ गौरव कुमार का कहना है कि यूरिया की कालाबाजारी के बाद सील किए गए गोदामों में रखे स्टॉक को चेक किया गया है। अधिकारियों की मौजूदगी में 693 यूरिया, डीएपी और एनपीके के कट्टे कम मिले हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी है। साथ ही इस पूरे मामले की शासन स्तर से जांच कराने की मांग की गई है।