एक सप्ताह में दो बार कटा बंशी का टिकट, अंत में हुआ कनफर्म
बुलंदशहर। दूसरे दलों से आए नेता को टिकट देने के बाद लोकल स्तर पर नेताओं में रोष के कारण खुर्जा से पूर्व विधायक बंशी पहाड़िया का टिकट दो बार काटा गया। हालांकि बृहस्पतिवार रात को तय कर दिया गया कि बंशी पहाड़िया ही चुनाव लड़ेंगे।
कांग्रेस इस बार दावा कर रही थी कि प्रदेश की जनता से इस बार समर्थन मिल रहा है, लेकिन वर्ष 2012 से 2017 तक खुर्जा सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक रहे बंशी पहाड़िया की कांग्रेस के प्रति इस बार आस्था डगमगा गई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से नजदीकी बढ़ने के बाद बंशी ने साइकिल पर सवार होने की तैयारी कर ली। 14 जनवरी को नामांकन की शुरुआत होने के साथ ही उन्हें साइकिल पर सवारी करने के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर भी हरी झंडी मिल गई। इसके बाद टिकट के भी कयास लगाए गए और सपा से बंशी ने टिकट हासिल भी किया। 18 को बंशी को टिकट मिला और 19 को उन्होंने नामांकन भी कर दिया। इसी बीच दूसरे दलों से आए नेताओं को टिकट देने की घोषणा के बीच स्थानीय नेताओं ने इसका विरोध किया तो हाईकमान भी चिंतित हो उठा। इसके बाद 20 जनवरी को नाटकीय अंदाज में बंशी पहाड़िया का टिकट काटकर नरेंद्र कुमार को टिकट देने की घोषणा की गई। इसके लिए 19 जनवरी की तारीख में फार्म ए व बी भी नरेंद्र कुमार को जारी करने का दावा किया गया। हालांकि नामांकन के अंतिम दिन सुबह के समय घोषणा की गई कि साइकिल पर सवार होकर बंशी ही चुनाव लड़ेंगे। सपा के जिलाध्यक्ष राहुल यादव ने बताया कि हाईकमान ने बंशी पहाड़िया को टिकट दिया है। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके साथ है।